इस मामले को लेकर मुख्य विकास अधिकारी रामाश्रय का कहना है कि उन्हें ऐसे कंबल की खरीद-फरोख्त होने या बाजार में बिकने की जानकारी नहीं है. ठीक ऐसा ही कहना है जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र का भी. वह कहते हैं कि कंबल कैसे हैं और कहां बिक रहे हैं उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है.
लेकिन सच तो यह है कि चौक बाजार स्थित उमेश चंद्र-रमेश चंद्र के नाम से संचालित कपड़ा दुकान में बेचे जा रहे इस कंबल को मीडिया के लोगों ने जब पकड़ा तो दुकानदार गिड़गिड़ाने लगा.
उसने दूसरे ही दिन ‘पंचायत राज विभाग, नि:शुल्क वितरण हेतु’ लिखे स्टीकरों को हटवाकर दूसरा स्टीकर लगवा डाला. बावजूद इसके, दूसरा स्टीकर पहले वाले स्टीकर को पूरी तरह छिपा नहीं सका.
मुख्य विकास अधिकारी रामाश्रय से जब इस मामले पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है. उन्होंने कहा कि कंबल खरीद का काम उनके माध्यम से नहीं होता.
खबरनबीस जब जिला पंचायतराज अधिकारी जितेंद्र मिश्र के पास पहुंचे और बाजार में उनके विभाग के कंबल बेचे जाने का मुद्दा उठाया तो उन्होंने सीधे पल्ला झाड़ लिया और कहा, “मुझे इस बारे में कुछ भी पता नहीं है.”
