प्राकृतिक दृष्टि से भी मकरसंक्रांति का अपना खास महत्त्व होता है। इस दिन के साथ ही प्रकृति में एक नयी ऊर्जा की शुरुआत होती है। इंसानों के साथ ही पेड़-पौधों में इसका असर देखने को मिलता है। पतझड़ के बाद मकर संक्रांति से पेड़ों में नई पत्तियों का आना शुरू हो जाता है।
मकर संक्रांति पर तिल और गुड से बने सामानों के दान और इस्तेमाल का भी अपना खास महत्त्व है। तिल और गुड शरीर को गर्मी और ऊर्जा देने का काम करते हैं। इसीलिए इस पर्व पर खुद खाने के साथ ही गरीबों को भी तिल और गुड से बने सामान खास तौर पर दान में दिए जाते हैं।
