18 साल की उम्र में येल्लमा की एक फ्लॉवर डेकोरेटर से शादी जबरदस्ती शादी कर दी गई थी। वह अपने पति को छोड़कर अब अपनी दो साल की बच्ची की साथ ऑटो चला रही है। उसने किराए पर ऑटो लेकर और अपने देवर से इसे चलाना सीखा।
येल्लमा रोजाना सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक ऑटो चलाती है। इसके बाद वह सिविल एग्जाम की तैयारियों में जुट जाती है। खास बात है कि ऑटो चलाते वक्त भी वह खाली समय में मैगजीन और अखबार पढ़ती रहती है।
येल्लमा की सराहनीय पहल को लोग भी सराह रहे हैं। इसीलिए कई बार उसे उसके पैसेंजर 10-20 रुपए अधिक दे देते हैं। इससे उसे रोजाना 700-800 रुपए की अतिरिक्त कमाई हो जाती है।
