इस तरह के कई आरटीआई आवेदन पीएमओ को लगातार मिल रहे हैं। पीएमओ के आरटीआई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2015 में करीब 13 हजार आरटीआई आवेदन मिले। इनमें से कुछ आरटीआई आवेदन ऐसे हैं जिनका पीएमओ से कोई लेना-देना नहीं होता, लेकिन उन्हें हर आरटीआई का जवाब देना होता है।
पीएमओ अधिकारियों ने बताया कि आजकल घर से भी आरटीआई आवेदन भेजे जा सकते हैं। इस कारण इतनी बड़ी संख्या में आरटीआई आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। पीएम इंडिया की वेबसाइट पर आरटीआई सेक्शन को खंगालने से पता चलता है कि कुछ ऐसे विषयों को आरटीआई आवेदन दिए गए जिनके बारे में जानकारी पहले से ही वेबसाइट पर थी।
एक आरटीआई आवेदन में पूछा गया कि पीएम रसोई में कौन सा एलपीजी सिलेंडर प्रयोग करते हैं। उसका बिल भी दिया जाए। इसके जवाब में पीएमओ ने लिखा कि इसका खर्चा सरकारी खाते से नहीं होता। कुछ आरटीआई आवेदन बहुत ही साधारण किस्म के थे। इनमें प्रधानमंत्री के नाम से लेकर उनका बायोडाटा भी पूछा गया था।
यही नहीं कुछ लोगों ने पीएम का मोबाइल नंबर और फोटो तक उपलब्ध करवाने की बात कही। एक आवेदन ने पीएम नरेंद्र मोदी के संविधान ज्ञान के बारे में जानकारी मांगी गई थी। आरटीआई में पीएमओ से पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री ने भारत का संविधान पढ़ा है।
आरटीआई के जरिए ये सवाल भी पूछे गए
प्रधानमंत्री के पर्सनल स्टाफ की शैक्षिक योग्यता क्या है?
पीएम के परिवार में कौन-कौन हैं, उनके कितने पुत्र-पुत्री हैं?
1977 में जब पीएम ने दिल्ली विवि (मुक्त) से स्नातक किया था तब उनके कितने प्रतिशत अंक थे?
प्रधानमंत्री मोदी ने कब-कब आकस्मिक और स्वास्थ्य अवकाश लिया?
प्रधानमंत्री मोदी कब-कब रोजा इफ्तार आयोजन में गए?
