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ओवैसी की जबान काटो और ले जाओ एक करोड़ का चेक

   इलाहाबाद।। इलाहाबाद में बीजेपी के एक नेता ने एमआईएम मुखिया असददुद्दीन ओवैसी की जबान काटने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने का एलान किया है। बीजेपी युवा मोर्चा के काशी प्रांत के उपाध्यक्ष डॉ श्याम द्विवेदी का कहना है कि भारत माता के जयकारे को लेकर ओवैसी ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया है, उसके लिए उन्हें कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए। बीजेपी नेता का कहना है कि ओवैसी आए दिन इस तरह की विवादित बयानबाजी करते रहते हैं, इसलिए उन्होंने उनकी ज़ुबान काटने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने का एलान किया है।
      इनाम का एलान करने वाले बीजेपी के बिजनेसमैन नेता ने एक करोड़ रुपए की रकम का बिना नाम वाला चेक भी मीडिया को दिखाया और कहा कि जो भी ओवैसी की जबान को काटेगा, उसे एक करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा।
     ओवैसी की जबान काटने पर एक करोड़ का इनाम देने का एलान करने वाले डॉ श्याम द्विवेदी बीजेपी युवा मोर्चा के काशी प्रांत के उपाध्यक्ष हैं और इलाहाबाद में बीजेपी के जिलाध्यक्ष रामरक्षा द्विवेदी के बेटे हैं। वह इलाहाबाद की प्रतापपुर सीट से विधानसभा चुनाव में पार्टी टिकट के दावेदार भी हैं। हालांकि उनके इस विवादित कदम से पार्टी के ही कई नेता सहमत नहीं हैं।
     इससे पहले मेरठ कॉलेज के छात्रों ने भी आज मेरठ कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष दुष्यन्त तोमर के नेतृत्व में हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी का पुतला फूंका और एलान किया कि जो भी ओवैसी की जीभ काटेगा, उसे 21 हज़ार रुपए का इनाम दिया जाएगा। छात्रों ने कहा कि जो आदमी देश का अपमान करेगा उसे देश में रहने का अधिकार नहीं है।
     इस दौरान छात्रों ने ओवैसी का पुतला भी दहन किया। दुष्यंत ने कहा कि अगर सांसद ओवैसी मेरठ आएंगे, तो उसका पूरा विरोध किया जायेगा। दुष्यंत ने कहा कि ओवैसी देश की एकता को खंडित करने का काम कर रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
     गौरतलब है कि आईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के लातूर में सोमवार को एक सभा को संबोधित करते हुए विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कोई चाकू भी रख दे, तब भी वे भारत माता की जय नहीं बोलेंगे।
     जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा था कि संघ के कहने पर भारत माता की जय नहीं बोलूंगा, क्योंकि यह हमारे संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि भारत माता की जय बोलना जरूरी है। इसकी आज़ादी मुझे मेरा संविधान देता है।