हर दिन गायब हो जाता है, स्तंभेश्वर महादेव का यह अद्भुत मंदिर

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     शायद आपको सुनने में अचरज लगे, लेकिन एक मंदिर वाकई ऐसा है, जो दिन में दो बार कुछ पल के लिए गायब हो जाता है। और फिर अपने आप ही मूल रूप में आ जाता है। परमपिता शिव का यह मंदिर गुजरात के बड़ोदरा से 85 किलोमीटर दूर भरुच जिले की जम्बूसर तहसील में गाँव ‘कावी’ में स्थित है। भोले बाबा का यह रूप ‘स्तंभेश्वर महादेव’ के रूप में जाना जाता है। वैसे यहाँ के स्थानीय भक्तों के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं पर सुदूर के पर्यटकों के लिए खासा रोमांचकारी अनुभव होता है। समुद्री ज्वार-भाटे के कारण ऐसा होता है
    वैसे यह कोई चमत्कार नहीं, अपितु प्रकृति की एक मनोहारी परिघटना है। समुद्री ज्वारभाटे के कारण यह शिवालय नियमित रूप से कुछ पलों के जलमग्न हो जाता है। असल में मंदिर खंभात की खाड़ी के तीरे स्थित है। ज्वार के समय समुद्र का पानी मंदिर के अंदर आता है और शिवलिंग का अभिषेक कर वापस लौट जाता है। यह घटना प्रतिदिन सुबह और शाम को घटित होती है।





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