रतलाम पुलिस की बड़ी सफलता: शिवगढ़ क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल का 10 घंटे के भीतर पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार
रतलाम | रतलाम जिले के थाना शिवगढ़ क्षेत्र में हुई हत्या की एक सनसनीखेज वारदात का रतलाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर सफल पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में संलिप्त सभी 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त डंडे और मोबाइल जब्त कर लिए हैं।
क्या था पूरा मामला?
18 अगस्त 2026 की शाम करीब 05:30 बजे ग्राम साग्लाखो (8 लाइन के पास) में खेत में लगी सोयाबीन की फसल में भेड़ें घुसने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। फरियादी सुखराम भाभर द्वारा आपत्ति जताए जाने पर आरोपी हराजी रेबारी, सोनाराम रेबारी, राजाराम रेबारी एवं अन्य साथियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
इस जानलेवा हमले में 60 वर्षीय मंगला भाभर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज रतलाम ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सघन सर्चिंग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पान्द्रो के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी रतलाम ग्रामीण श्री किशोर पाटनवाला के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
टीम ने साग्लाखो के आसपास के दुर्गम पहाड़ी व जंगल क्षेत्रों में सघन चेकिंग और घेराबंदी कर 10 घंटे के भीतर 05 आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
हराजी पिता लालाजी रेबारी (उम्र 50 वर्ष) — निवासी ग्राम गिरवर, जिला पाली (राज.)
सोनाराम उर्फ सुनाराम पिता पौसाजी रेबारी (उम्र 27 वर्ष) — निवासी ग्राम कुरना, जिला पाली (राज.)
राजाजी पिता भानाजी रेबारी (उम्र 50 वर्ष) — निवासी ग्राम किरवा, जिला पाली (राज.)
हमीराराम पिता लालारामजी रेबारी (उम्र 30 वर्ष) — निवासी ग्राम नयागांव, जिला पाली (राज.)
तेजाजी उर्फ तेजाराम पिता जापाजी खोरी (उम्र 45 वर्ष) — निवासी ग्राम लापूर, जिला पाली (राज.)
जब्त सामग्री:
वारदात में प्रयुक्त 03 ठोस बाँस के डंडे
04 मोबाइल फोन
सराहनीय भूमिका
इस अंधेकत्ल के त्वरित खुलासे में थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक रणजीतसिंह मकवाना, उप निरीक्षक प्रतापसिंह भदौरिया, अजमेरसिंह भुरिया, ईशाक मोहम्मद खान, प्रधान आरक्षक विक्रमसिंह घोसरे, दिलीप शर्मा, जितेन्द्रपालसिंह राठौर, हेमंत कुमार लिम्बोदिया, रघुवीरसिंह शक्तावत, विजय मंडलोई, मेहताबसिंह यादव, अमित त्यागी, महिला प्रधान आरक्षक सरोज परिहार तथा आरक्षक मनीष खराड़ी, रावजी गणावा, जितेन्द्र प्रसाद एवं रमेश सोलंकी का सराहनीय योगदान रहा।

