Vishvguru : 'अच्छे दिनों वाली सरकार में बेहाल हुई जनता’ तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार और खाट पर मरीज

0

‘अच्छे दिनों’ के दावों के बीच बदहाली की तस्वीर: मरने के बाद अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं, खाट पर अस्पताल पहुंच रहे मरीज

बांसवाड़ा (राजस्थान) सरकार भले ही 'विकास' और 'अच्छे दिनों' के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। बांसवाड़ा जिले की सज्जनगढ़ पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंदेश्वर की स्थिति बेहद चिंताजनक है। आलम यह है कि इस दौर में भी लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही हैं। बीमारी की हालत में मरीजों को खाट पर लादकर कंधों के सहारे पैदल अस्पताल ले जाना पड़ता है, तो वहीं वाडीफला अंदेश्वर में श्मशान घाट और शेड न होने के कारण बारिश के मौसम में तिरपाल ढक कर दाह संस्कार करने को ग्रामीण मजबूर हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि इस व्यवस्था में इंसान को मरने के बाद भी चैन से अंतिम विदाई नहीं मिल पा रही है।  

Vishvguru : 'अच्छे दिनों वाली सरकार में बेहाल हुई जनता’ तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार और खाट पर मरीज

3 किलोमीटर सड़क के लिए तरस रहे 3 हजार ग्रामीण

अंदेश्वर ग्राम पंचायत के लाडेला एवं जोगडीमाल राजस्व गांवों की कुल जनसंख्या लगभग 2,000 से 3,000 के करीब है। ग्राम पंचायत बनने से लेकर आज तक यहां पक्की सड़क का नामो-निशान नहीं है। ग्रामीण आज भी जंगलों, कच्चे रास्तों और पगडंडियों के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं।

  • 3 साल पहले मिला था पट्टा: करीब 3 वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा पगडंडी के लिए पट्टा जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद आज तक सड़क का निर्माण नहीं कराया गया।

  • अस्पताल पहुंचना मुश्किल: पक्की सड़क न होने के कारण गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती। किसी के बीमार पड़ने पर उसे खाट में डालकर कंधों पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ता है।

  • स्कूली बच्चे परेशान: रोजाना स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों को इन खतरनाक और कच्चे रास्तों से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका क्षेत्र पूरी तरह से कटकर मुख्यधारा से अलग-थलग पड़ा हुआ है।

3 साल पहले टेंडर जारी, फिर भी अटका निर्माण कार्य

वाडीफला अंदेश्वर में लगभग 3 वर्ष पूर्व ही पुल और सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही व मनमर्जी के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। बरसों पुराना टूटा-फूटा पुल हादसे को न्योता दे रहा है और आवागमन पूरी तरह से बाधित है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी: 7 दिन का अल्टीमेटम

प्रशासनिक अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 7 दिनों के भीतर सड़क व पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

मामले पर जिला कलेक्टर एवं जिला परिषद अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही श्मशान घाट और सड़क निर्माण का कार्य शुरू करवाया जाएगा तथा संबंधित ग्राम सेवक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद ग्रामीण

इस दौरान मगन वडखिया, सोहनलाल वडखिया, वालसिंह वडखिया, घोलसिंह वडखिया, लालसिंह वडखिया, हुरजी वडखिया, धारजी वडखिया, लोकेश कटारा, रंगजी वडखिया, मानसिंह वडखिया, नटवर, दलसिंह डामोर, राजू, लालसिंह कटारा, कमल वडखिया, रमेश, भुरा, वालजी, तेजिया डामोर, तोलजी वडखिया और नारजी वडखिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

अब देखना यह होगा कि अंदेश्वर ग्राम पंचायत के सरपंच नरेंद्र मईडा और सचिव तेजमल कटारा ग्रामीणों को इस नर्क जैसी जिंदगी से कब राहत दिलाते हैं और श्मशान घाट व पक्की सड़क का निर्माण कब तक पूरा हो पाता है।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
BREAKING

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top