गाजियाबाद के एन एच-24 स्थित बम्हेटा गॉव का है मामला
गाज़ियाबाद।। डर, जिसकी परिभाषा सभी के लिए अलग है लेकिन गाजियाबाद के यादव बाहुल्य क्षेत्र बमहेटा गॉव में रहने वाले कुछ दलित परिवार के चेहरों पर डर नही कुछ और है। वो जो किसी डर से भी डरावना और दहशत पैदा करने वाला है। इस गांव में रहने वाले करीब 1000 दलित परिवार अपने घरों में अकेले सोने से भी कतरा रहे है और ज्यादातर एकजुट रहते है कि कहीं यहाँ के कुछ दबंग यादव उन पर हमला न कर दे। दरअसल पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ दिन पहले इस गांव मे रहने वाले बबलू यादव व रेंचो यादव ने पड़ोस मे रहने वाली आठवीं क्लास की दलित छात्रा के साथ गैंग रेप किया जिसके बाद छात्रा ने खुद को जलाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद से लगातार पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था केस वापस लेने का और रोज उन्हे पीटा भी जा रहा था।
गाज़ियाबाद।। डर, जिसकी परिभाषा सभी के लिए अलग है लेकिन गाजियाबाद के यादव बाहुल्य क्षेत्र बमहेटा गॉव में रहने वाले कुछ दलित परिवार के चेहरों पर डर नही कुछ और है। वो जो किसी डर से भी डरावना और दहशत पैदा करने वाला है। इस गांव में रहने वाले करीब 1000 दलित परिवार अपने घरों में अकेले सोने से भी कतरा रहे है और ज्यादातर एकजुट रहते है कि कहीं यहाँ के कुछ दबंग यादव उन पर हमला न कर दे। दरअसल पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ दिन पहले इस गांव मे रहने वाले बबलू यादव व रेंचो यादव ने पड़ोस मे रहने वाली आठवीं क्लास की दलित छात्रा के साथ गैंग रेप किया जिसके बाद छात्रा ने खुद को जलाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद से लगातार पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था केस वापस लेने का और रोज उन्हे पीटा भी जा रहा था।
लेकिन मामला उस समय बिगड गया जब आज हो रही मृतका की तीजे की रस्म में सांत्वना देने के लिए गांव के दलित परिवार आये हुए थे जहाँ आरोपी परिवार गाँव के ही पूर्व प्रधान लीले के साथ आये और शोक सभा में बैठे मृतिका के पिता व वहां मौजूद लोगों को पीटने लगे और केस वापसी का दबाव बनाने लगे। इसके बाद गांव मे दलित परिवारों की सभा हुई जिसमें ये तय हुआ कि उनके ऊपर अत्याचार लगातार बढ रहे है लिहाजा अब वे हिन्दू धर्म में नही रहना चाहते और मुस्लिम धर्म अपनाना चाहते है। यहाँ रह रहे करीब एक हजार दलित परिवारों ने तय किया कि वो धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म में प्रवेश करेंगे। एक अनुमान के मुताबिक गाजियाबाद का बमहेटा गांव यादव नगर के नाम से भी जाना जाता है और यादव बाहुल्य क्षेत्र है जहाँ की आबादी करीब 35 से 40 हजार है जिसमें सिर्फ एक हजार परिवार ही दलितों के हैं। यहाँ के लोगों का कहना है कि वो पिछले कई सैलून से उत्पीड़न झेल रहे है। हालांकि मीडिया मे मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
