
सारण।। नगरा प्रखंड के खैरा गांव में मंगलवार की रात शादी के दौरान अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। शादी समारोह की जोर-शोर से तैयारी हो रही थी। कुछ ही समय में बारात दरवाजे पर लगने वाली थी। अभी बारात दरवाजे पर पहुंची ही थी कि दूल्हे ही पहली पत्नी दो बच्चों के साथ पहुंच गई। उसने दुल्हन के परिजनों को सारी बातें बताईं। मामला समझते ही दुल्हन के परिजनों ने दूल्हा उसके परिजनों को बंधक बना लिया। इधर मामला बिगड़ता देख बारातियों ने भागने में ही अपनी भलाई समझी। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
दूल्हा बिन दुल्हन बैरंग लौटा
खैरा गांव निवासी सुदामा चौरसिया की शादी बनियापुर थाना के पिठौरी गांव के सच्चिदानंद चौरसिया की पुत्री के साथ होनी थी। बारात आने के बाद दरवाजा लगाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान दूल्हे की पहली पत्नी अपने दो बच्चों के साथ वहां पहुंच गई और सारी बात दुल्हन के परिजनों से बताई। यह सुनकर दुल्हन के परिजनों ने दूल्हे तथा उसके परिजनों को बंधक बना लिया। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बारातियों ने भाग कर अपनी जान बचाई।
सभी खर्चा लौटाने के लिए तैयार हुए दूल्हे के परिजन
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रवींद्र कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद पंचायत बुलाई गई। पंचायत में लड़का के पिता ने तिलक से बारात तक का सभी खर्च की राशि लड़की के पिता को लौटाने की बात स्वीकार की, तब जाकर मामला शांत हुआ। आपसी सहमति बनने के बाद दूल्हा बिन दुल्हन बैरंग लौट गया। इसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में होती रही।
