30 वर्षीय सोमनाथ के पिता सोलापुर जिले में एक किसान हैं और उन्होंने सड़क के किनारे एक छोटी दुकान लगाकर चाय बेचते हुए पढ़ाई की है।
अब महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में उच्च और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सोमनाथ गिरम को ब्रान्ड अम्बेसेडर नियुक्त किया है।
इस बार किसी सेलिब्रिटी के स्थान पर आम आदमी को तरजीह दी गई है। सरकार को उम्मीद है कि सोमनाथ गिरम की वजह से युवा-वर्ग बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित होगा।
सोमनाथ सोलापुर जिले के करमाला तालुका के रहने वाले हैं। उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। सीए आर्टिकलशिप की और एक प्राइवेट फर्म में नौकरी भी कर ली। इसी दौरान सीए की परीक्षा पास नहीं करने की वजह से उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी थी। पुणे में रहने और पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए गिरम ने टी-स्टॉल पर काम करना शुरू किया।
बाद में सोमनाथ ने सदाशिव पेठ इलाके के पेरुगेट चौराहे पर वर्ष 2013 में चाय की दुकान खोल ली। वह दिन में चाय बेचने के बाद रात में पढाई करने लगे। सोमनाथ ने सीए की परीक्षा 55 प्रतिशत से पास कर ली।
