कहानी फ़िल्मी है लेकिन रियल है. यहां दो लोगों की मुलाकात ठीक फ़िल्मी स्टाइल में रेलवे स्टेशन पर हुई. स्टेशन की ये दोस्ती प्यार में तब्दील हुई और फिर 15 साल के लिव-इन रिलेशन के बाद दोनों शादी के बंधन में बंध गए. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि यह कहानी किसी मेट्रो सिटी में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के छोटे से जिले ललितपुर की है. और दूल्हा-दुल्हन भी अद्भुत हैं.
बुंदेलखंड के ललितपुर में एक अनोखी शादी रचाई गई. इस शादी में 70 साल के दूल्हे ने अपनी 65 साल की दुल्हन से शादी रचाई. शनिवार को इस बुजुर्ग कपल की धूमधाम से हुई शादी के गवाह बना पूरा गाँव. एक दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने शादी से पहले 15 साल लिव-इन में गुजारे.
इनकी प्रेम कहानी भी काफी रोचक है. बुजुर्ग बीजू जो आज 70 साल के हैं वे कुंवारे थे जब उनकी मुलाकात गोली से हुई. उस दौरान कुंवारे बीजू एक शादी विवाह घर में काम करते हैं. बीजू ने अपनी प्रेम कहानी कुछ यूं बयां की. “बात 15 साल पहले की है, जब वह ललितपुर स्टेशन गए थे. उनकी नजर स्टेशन पर बैठी एक महिला पर पड़ी, वह कुछ परेशान दिख रही थी. वह उसके पास गए और पूछा, कहां से आई हो? महिला ने अपना नाम गोली (65) बताया. वह उड़ीसा से आई थी गोली ने बीजू से मदद मांगी और वह उसे अपने साथ ले आये. इसके बाद से हम दोनों साथ में रह रहे थे,
लेकिन इसके बाद लोगों ने दोनों को समझाया की ऐसे बिना शादी के साथ रहन उचित नहीं इसलिए उन्हें शादी कर लेनी चाहिए. गाँव वालों की बात मानकर दोनों ने मटक भंवर विवाह रचा लिया. आप सोच रहे होंगे मटक भंवर विवाह क्या बला है?
दरअसल बुंदेलखंडी परंपरा के अनुसार जब लड़का कुंवारा हो और लड़की पहले से ही शादीशुदा हो, तो वो एक साथ सात फेरे नहीं ले सकते. इसके लिए एक रिवाज है. जिसमें एक मटके को सजाया जाता है, जिसमे मंगलसूत्र, सिंदूर और फूल-माला रख दी जाती है. उसके बाद दूल्हा उस मटके को लेकर साथ फेरे लेता है और उसका विवाह संपन्न हो जाता है.
बुंदेलखंड के ललितपुर में एक अनोखी शादी रचाई गई. इस शादी में 70 साल के दूल्हे ने अपनी 65 साल की दुल्हन से शादी रचाई. शनिवार को इस बुजुर्ग कपल की धूमधाम से हुई शादी के गवाह बना पूरा गाँव. एक दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने शादी से पहले 15 साल लिव-इन में गुजारे.
इनकी प्रेम कहानी भी काफी रोचक है. बुजुर्ग बीजू जो आज 70 साल के हैं वे कुंवारे थे जब उनकी मुलाकात गोली से हुई. उस दौरान कुंवारे बीजू एक शादी विवाह घर में काम करते हैं. बीजू ने अपनी प्रेम कहानी कुछ यूं बयां की. “बात 15 साल पहले की है, जब वह ललितपुर स्टेशन गए थे. उनकी नजर स्टेशन पर बैठी एक महिला पर पड़ी, वह कुछ परेशान दिख रही थी. वह उसके पास गए और पूछा, कहां से आई हो? महिला ने अपना नाम गोली (65) बताया. वह उड़ीसा से आई थी गोली ने बीजू से मदद मांगी और वह उसे अपने साथ ले आये. इसके बाद से हम दोनों साथ में रह रहे थे,
लेकिन इसके बाद लोगों ने दोनों को समझाया की ऐसे बिना शादी के साथ रहन उचित नहीं इसलिए उन्हें शादी कर लेनी चाहिए. गाँव वालों की बात मानकर दोनों ने मटक भंवर विवाह रचा लिया. आप सोच रहे होंगे मटक भंवर विवाह क्या बला है?
दरअसल बुंदेलखंडी परंपरा के अनुसार जब लड़का कुंवारा हो और लड़की पहले से ही शादीशुदा हो, तो वो एक साथ सात फेरे नहीं ले सकते. इसके लिए एक रिवाज है. जिसमें एक मटके को सजाया जाता है, जिसमे मंगलसूत्र, सिंदूर और फूल-माला रख दी जाती है. उसके बाद दूल्हा उस मटके को लेकर साथ फेरे लेता है और उसका विवाह संपन्न हो जाता है.
