बांदा।। बांदा के तिंदवारी कस्बे में रहने वाले युवक रामचन्द्र को इसका आभास भी न रहा होगा कि वह जो काम करने जा रहा है, उसके लिए प्रशासन शाबाशी देने के बजाए कटघरे में खड़ा कर देगा। लेकिन अब उसके साथ ऐसा ही हो रहा है।
दरअसल, उसने अपनी तकनीक की मदद से एक हेलीकॉप्टर बनाया। और वह जब उसका परीक्षण कर रहा था, तब प्रशासन ने उसे आतंकी बता दिया। इस घटना के बाद रामचंद्र ऊर्फ नारद पूरी तरह से सहम गया है। हेलीकॉप्टर बनाने का ये अनूठा प्रयोग किया है, बांदा के तिंदवारी कस्बे में रहने वाले साधारण युवक रामचन्द्र उर्फ नारद ने। गरीबी के दंश से कक्षा आठ के बाद पढ़ाई न करने वाला नारद इलेक्ट्रिक मिस्त्री है। बचपन से ही नारद को हेलीकॉप्टर में बैठने का शौक था और यही शौक उसका जुनून बन गया।
छह साल पहले उसने एक खिलौने के आकार का हेलीकॉप्टर बनाया और उड़ाया भी। नारद की मानें तो उसका हेलीकॉप्टर स्टार्ट होकर कुछ फीट ऊपर भी उठा था। तभी खुद को दिल्ली नोएडा से आए पुलिस अधिकारी बताकर प्रशासनिक अधिकारियों ने नारद को घेरे में ले लिया।
उसे आईएसआईएस का आतंकी कहकर ढेरों सवाल पूछे गए। उस पर आरोप लगाया गया कि वो हेलीकॉप्टर नरेंद्र मोदी को मारने के लिए बना रहा है और थाना तिंदवारी पुलिस ने उसे जेल में बंद करने और फांसी तक की सजा होने की धमकी देकर हेलीकॉप्टर खुलवा दिया और दोबारा हेलीकॉप्टर न बनाने का आदेश भी दे दिया।
पुलिस की धमकियों से आतंकित ये साधारण होनहार युवक कई दिन अपने घर से भी नहीं निकला। नारद के पड़ोसी मुकेश का कहना है कि प्रशासन अगर मदद करता तो वो इस क्षेत्र का ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन करता लेकिन उसकी मेहनत पर पुलिस ने पानी फेर दिया।
वहीं सीओ सदर प्रभात कुमार ने युवक के इन आरोपों को निराधार बताया है। सीओ का कहना है कि उन्होंने युवक का हेलीकॉप्टर नहीं तोड़ा।

