
कहते है जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है क्यूकि इसके बिना इंसान कुछ हासिल नहीं कर सकता ! इसलिए जो लोग कम पढ़े लिखे होते है या जिन्हे अंग्रेजी नहीं आती दुनिया उनका मज़ाक उड़ाती है पर वही लोग आगे चल कर ऐसा मुकाम हासिल कर लेते है कि वही दुनिया बस देखती रह जाती है ! खुद को ऊंचाई तक ले जाने के लिए केवल शिक्षा नहीं बल्कि मेहनत भी उतनी ही जरुरी है ! तो आइए हम आपको बताते है कि कैसे भारत के ये सात बिजनेसमैन कम पढ़े लिखे होने के बावजूद भी अपनी मेहनत के दम पर आज करोड़ो की कम्पनी चलाते है !
1. गोविन्द भाई ढोलकिया …..गोविन्द भाई जो केवल सातवीं कक्षा तक पढ़े है और यही वो बिजनेसमैन है जिन्होंने रामकृष्ण एक्सपोर्ट स्थापित किया था ! सुना है कि महज़ तेरह साल की उम्र में गोविन्द जी सूरत आये जहाँ वो हीरे घिसने का काम करते थे वो भी 1964 के दशक में जब एक पैसा भी एक करोड़ के जितना लगता था ! पर आज देखिये हीरे घिसते घिसते इन्होने कैसे खुद को ही जोहरी बना लिया और आज इनकी कंपनी 2400 करोड़ सालाना टर्न ओवर करती है और इनके अंडर में सैंकड़ों कर्मचारी भी काम करते है ! ये है मेहनत का सही फल ! ……
2 .आसित मेहता…..आसित मेहता भी इसी श्रेणी में आते है ! जी हा कहाँ तो
आसित मेहता ने बारहवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और अपने पिता के साथ हीरे के
कारोबार में लग गए थे और आज देख लीजिए आज ये दस हज़ार करोड़ का सालाना टर्न
ओवर करने वाली ब्लू स्टार डायमंड कंपनी के एम.डी. है ! इतना ही नहीं
हांगकांग से लेकर और कई देशो में इनके ऑफिस भी है ! इसको कहते है यदि काम
की लग्न हो तो सफलता जरूर मिलती है !
3. प्रकाश संघवी….प्रकाश जी ने अपनी माध्यमिक पढ़ाई के बाद अहमदाबाद से
कपडे के बिज़नेस की शुरुआत की थी ! पर स्टील पाइप की दुनिया में इनका बहुत
बड़ा नाम है ! साथ ही 2400 करोड़ की मार्किट केप वाली कंपनी रल मणि ,मेटल्स
और ट्यूब के सी. एम.डी . भी है ! अब इसे कहते है हर काम को बुद्धिमता से
शिखर तक ले जाना !
4 ..शशिकांत वाघर…शशि जी की शुरुआत तो बहुत छोटे से काम से हुई थी ! जी
हा मैट्रिक की पढ़ाई के बाद ये अपने पिता के साथ पान मसाले का काम सँभालते
थे और फिर अगरबत्ती का काम शुरू किया ! पर आज ये शासी इंडस्ट्रीज के
चेयरमैन है ! आपको बता दे की शशि अगरबत्ती ब्रांड देश के सबसे अच्छे ब्रांड
में से एक है ! इससे तो यही पता चलता है कि अच्छे काम में कभी विघ्न नहीं
आता !
5.पियूष देसाई …परिवार के बिज़नेस को सँभालने के लिए फर्स्ट ईयर में ही
कॉलेज छोड़ दिया था और फिर परिवार के काम में लग गए ! देखते ही देखते आज ये
बाघ -बकरी ग्रुप के चेयरमैन बन गए ! शायद आपको मालूम नहीं कि ये कंपनी नौ
सौ का टर्न ओवर देकर देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है ! यानि बाघ बकरी चाय
मेहनत से पूंजी दिलाये !
6.शेवंती लाल शाह ….शेवंती शाह जी ने भी मैट्रिक तक पढ़ाई की और उसके बाद
हीरे के उद्योग में आये ! पर आज ये वीनस ज्वेलर्स कंपनी जो सालाना 2400
करोड़ का टर्न ओवर देती है उसके चेयरमैन है ! तभी तो कहा जाता है कि हीरे की
पहचान केवल जोहरी ही कर सकता है ! अपनी मेहनत से शेवंती शाह जी ने भी इतना
बड़ा मुकाम हासिल किया है !
7…विष्णु पटेल..विष्णु जी ने ग्यारहवीं के बाद ही एक छोटे से कारखाने
में काम करना शुरू कर दिया था ! इन्होने केवल दो हज़ार रूपये से अपने बिज़नेस
की शुरुआत की थी लेकिन आज उनके द्वारा स्थापित इंजीनियरिंग लिमिटिड की
पांच हज़ार करोड़ की मार्किट कैप है ! अब दो हज़ार से पांच हज़ार करोड़ का सफर
पल भर में तय करना आसान नहीं पर विष्णु जी ने अपनी मेहनत से इस ऊंचाई को छू
ही लिया !
गौरतलब है कि इन सबने शायद पढ़ाई उतनी न की हो जितनी कि बड़े बड़े डॉक्टर या
वैज्ञानिकों ने की है पर आज जो इन्होने अपने बलबूते पर कर दिखाया है उसके
लिए कुछ लोगो तो दर दर की खाक छाननी पड़ती है तब कही जाकर शिखर का रास्ता
मिलता है ! पर कहते है न अगर हौसले बुलंद हो तब कुछ भी हासिल किया जा सकता
है जैसे इन सबने हासिल किया है अपना मुकाम ….!