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ना ईंट... ना पत्थर फिर भी बना दिया मकान

न ईंट-न पत्थर, वेस्ट बोतलों से बनाया आशियाना, सीएम बोलीं WELL DONE
प्लास्टिक की बोतलों से बनाया घर
    श्रीगंगानगर।। अब तक आपने ईंट-सीमेंट से बने मकान देखे होंगे, लकड़ी या फाइबर शीट से भी कई जगहों पर बने मकानों पर नज़र गई होगी, लेकिन श्रीगंगानगर के युवकों ने जिस तरह का घर बनाया है। उसे देख कर हर कोई कह रहा वाह कमाल कर दिया। 
बोतलों से बनाया घर
     जिन प्लास्टिक की बोतलों को इस्तेमाल करने के बाद अक्सर कचरे में फेंक दिया जाता है। उन्हीं बोतल से मकान बनाने का कारनामा श्रीगंगानगर के युवकों ने किया है। इस प्रोजेक्ट को राजस्थान सरकार ने भी ख़ूब सराहा है और इस घर को बनाने वाले युवक जयदित्य वीर सिंह को सरकार ने ब्रांड अम्बेसडर नियुक्त किया है।
ऐसे आया आइडिया
    पदमपुर के जयदित्य वीर ने जो तरीका ईजाद किया है, उससे इन बोतलों का सही और लम्बे समय तक इस्तेमाल होता रहेगा। दरअसल जयदित्य वीर के दिमाग में इन बोतलों से कमरा बनाने की बात आई। आइडिया दिमाग में आते ही जयदित्य वीर और उनके साथियों ने काम शुरू कर दिया। इन प्लास्टिक की बोतलों में रेत भरकर ईंटो की जगह पर लगाया गया। देखते ही देखते चार कमरे खड़े हो गए।
बोतल से बना दिया बंगला
    युवकों के बताये मुताबिक भवन निर्माण करने वाले कारीगर बोतल से बोतल जोड़ते हुए दीवारें बनाने लगे। कारीगर अंग्रेज सिंह की मानें तो उसने अपनी ज़िंदगी में इस तरह के कमरों का निर्माण पहली बार किया। जिसमे ईंट की बजाय बोतलों का इस्तेमाल किया गया हो। इसके अलावा कारीगर ने बताया की ये कमरे इस तरह से बने हैं कि गर्मी में ठंडे और सर्दी में गर्म रहेंगे। हवा रौशनी का भी खासा इंतज़ाम किया गया है।
इन कमरों की ये है ख़ासियत
    प्लास्टिक की बोतलों से कमरे बन जाने के बाद आगे से आगे और आइडिया आते रहे। कमरे तो बन गए अब इसमें लाइट के लिए इन युवकों ने सोलर का सहारा लिया। बाज़ार में बेहद मामूली दाम पर मिलने वाली सोलर पेनल लेकर उन्हें एलईडी लाइट्स से जोड़ा गया और सूरज की रौशनी से चार्ज होने वाली बैटरी से इन कमरों को रौशन किया गया।
देखने वालों की लग गई भीड़
    इलाक़े के युवकों ने जब नई तकनीक से कमरों का निर्माण करवाया तो लोग दूर-दूर से देखने के लिए आ रहे हैं। इन कमरों को देखने वाला हर कोई सराहना कर रहा है। यहां तक कि इन युवकों का आइडिया सरकार को भी पसन्द आया। सरकार के मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी ने बोतलों से बने कमरों का जायज़ा लिया, तो वहीं सरकार ने इस आइडिया का स्किल डेवलपमेंट में चयन कर लिया। इसके साथ ही इस आइडिया का ईजाद करने वाले जयदित्य वीर सिंह को इस प्रोजेक्ट का ब्रांड अम्बेसडर बनाया गया।