पीएम नरेन्द्र मोदी के एक बयान ने आम भारतीय के कंधों पर पड़ने वाले टैक्स
के बोझ को कम करने की बहस एक बार फिर शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री ने
गुरुवार को कहा था कि टैक्स को लेकर लोगों के मन से डर निकालने की ज़रूरत
है और पूरे टैक्स सिस्टम को और आसान बनाया जाना चाहिए। आज ये समझने की
ज़रूरत है कि एक आम भारतीय नागरिक पर कितना टैक्स है।
- भारत में
मुख्य तौर पर दो तरह के टैक्स होते हैं Direct Taxes यानी वो टैक्स जो
सरकारें सीधे आपसे लेती हैं और Indirect Taxes यानी वो टैक्स जो अप्रत्यक्ष
तौर पर आप सरकारों को देते हैं।
- Direct Tax में सबसे पहला टैक्स
है Income Tax हर एक व्यक्ति, जिसकी आय taxable limit से ज्यादा होती है,
उसे Income tax देना होता है। भारत में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा की सालाना
आय पर इनकम टैक्स देना होता है।
- भारत में दूसरा Direct Tax है
Capital Gains Tax. इसके तहत अगर आपकी संपत्ति, शेयर, बॉन्ड्स या महंगी
वस्तुओं को बेचकर आप मुनाफा कमाते हैं तो आपको ये टैक्स सरकार को चुकाना
होता है।
- तीसरा Direct tax है Securities Transaction Tax. इसके तहत stock exchange में हर transaction पर आपको टैक्स देना होता है।
- चौथे प्रकार का Direct tax टैक्स है Corporate Tax, जिसके तहत देश भर की कंपनियां अपनी आय पर सरकार को टैक्स देती हैं।
- Indirect Taxes के तहत वस्तुओं को बेचने पर लगने वाले टैक्स को Sales Tax कहते हैं। जिसका सीधा बोझ ग्राहक पर पड़ता है।
- ज्यादातर राज्य सरकारें वस्तुओं और सेवाओं पर Value Added Tax यानी VAT भी लगाती हैं। VAT की दर अलग-अलग राज्यों में अलग अलग है।
- सभी सेवाओं पर लगने वाले टैक्स को Service Tax कहते हैं। अभी भारत में आपको हर सेवा पर 15 फीसदी Service Tax देना पड़ता है।
- भारत में विदेश से आयात होकर आने वाले सामानों पर सरकार Custom duty लगाती है।
- देश में बनने वाले उत्पादों पर लगने वाले टैक्स को Excise Duty कहते हैं।
- इसके अलावा सरकार वकीलों, डॉक्टरों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी
सेक्रेट्री जैसे Professionals से Professional tax भी वसूलती है।
- जो कंपनियां अपने निवेशकों को अपने लाभ का हिस्सा देती हैं, उन्हें सरकार को Dividend distribution Tax देना होता है ।
- इसके अलावा हर शहर का नगर निगम, किसी संपत्ति के मालिक से property tax के रूप में Municipal Tax वसूलता है।
- राज्य सरकारें फिल्म shows, प्रदर्शनियों, DTH service और cable service
पर Entertainment Tax लगाती हैं, जो आखिरकार ग्राहकों से वसूला जाता है।
- अगर आप कोई संपत्ति खरीदते हैं तो आप अपनी राज्य सरकार को Stamp Duty भी चुकाते हैं।
- इसके अलावा सरकार आपके income tax पर 3 प्रतिशत का Education Cess भी लेती है
- अगर आपको साल भर में 50 हज़ार रुपये की कीमत से ज्यादा का कोई गिफ्ट मिलता है तो सरकार आपसे Gift Tax भी लेती है।
- इसके अलावा Toll Tax से तो आप सब वाकिफ हैं ही। लगभग हर शहर में सड़कों और पुलों के इस्तेमाल पर आपको toll tax देना होता है
- 15 नवंबर 2015 से टैक्स के दायरे में आने वाली सेवाओं पर केन्द्र सरकार ने स्वच्छ भारत सेस लगाने का ऐलान भी किया है।
- देश में किसानों के हालात सुधारने के लिए कृषि कल्याण सेस भी लिया जाता है।
- इस बार के बजट में वित्त मंत्री ने Infrastructure Cess लगाने का ऐलान किया था, जो कार और वाहनों पर लगाया जाता है।
- भारत की कुल जनसंख्या के सिर्फ 4 फीसदी लोग ही income tax चुकाते हैं।
Income Tax उन सुविधाओं के लिए चुकाना चाहिए जो उसे देश के नागरिक होने की
हैसियत से मिलती हैं।
- वर्ष 2014-15 में सिर्फ 5 करोड़ 17 लाख लोगों ने अपना Income Tax Return भरा जो भारत की जनसंख्या का सिर्फ 4 फीसदी है।
- 32 करोड़ की जनसंख्या वाले अमेरिका में करीब 14 करोड़ 40 लाख नागरिक अपना income tax चुकाते हैं।
- South Carribean Sea में स्थित Aruba island के 59 प्रतिशत लोग टैक्स चुकाते हैं
स्वीडन और डेनमार्क के 56 प्रतिशत लोग टैक्स देते हैं। Netherlands के 52 फीसदी लोग टैक्स देते हैं जबकि बेल्जियम, जापान, आस्ट्रिया और इंग्लैंड के 50 प्रतिशत लोग टैक्स चुकाते हैं।
स्वीडन और डेनमार्क के 56 प्रतिशत लोग टैक्स देते हैं। Netherlands के 52 फीसदी लोग टैक्स देते हैं जबकि बेल्जियम, जापान, आस्ट्रिया और इंग्लैंड के 50 प्रतिशत लोग टैक्स चुकाते हैं।
जानिए! क्या है वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी ?
देश को इस टैक्स के बोझ से बचाने के लिए ही GST यानी Goods and services tax लाया जा रहा है। लेकिन देश के सबसे बड़े tax reform का ये बिल संसद में अटका हुआ है। आज आपको ये भी समझना होगा कि GST के लागू होने के बाद एक आम आदमी की जिंदगी से टैक्स का बोझ कैसे कम होगा?
देश को इस टैक्स के बोझ से बचाने के लिए ही GST यानी Goods and services tax लाया जा रहा है। लेकिन देश के सबसे बड़े tax reform का ये बिल संसद में अटका हुआ है। आज आपको ये भी समझना होगा कि GST के लागू होने के बाद एक आम आदमी की जिंदगी से टैक्स का बोझ कैसे कम होगा?
- वस्तु या सेवा को
लेते समय खरीदार को अलग अलग तरह से टैक्स चुकाना होता है लेकिन GST के लागू
होने के बाद पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं पर एक ही तरह का टैक्स लिया
जाएगा।
- GST लागू होने के बाद Sales tax, service tax, excise duty और VAT जैसे टैक्स हटा दिए जाएंगे।
- अभी अगर कोई कंपनी एक राज्य में उत्पाद बनाकर दूसरे राज्य में बेचती है
तो उसे कई तरह के टैक्स दोनों राज्यों को चुकाने होते हैं, जिससे प्रोडक्ट
का दाम बढ़ता है, लेकिन GST लागू होने के बाद ऐसा नहीं होगा। और ग्राहक को
सस्ते दामों पर प्रोडक्ट मिलेगा।
- विशेषज्ञों का मानना है कि GST के लागू होने के बाद GDP 1 से 2 फीसदी तक बढ़ सकता है। इससे सरकार का tax revenue भी बढ़ेगा
- GST लागू होने के बाद निर्यात भी बढ़ेगा क्योंकि कंपनियों की प्रोडक्शन cost कम हो जाएगी।
- आम ग्राहकों को भी सिर्फ GST चुकाना होगा, जिससे वस्तुओं की कीमतें भी कम होंगी। हालांकि ये GST के रेट पर निर्भर है।
- सरकार पर दबाव है कि वो GST का रेट 18 प्रतिशत तय करे। अभी एक ग्राहक एक वस्तु पर 25 से 26 प्रतिशत तक का टैक्स चुकाता है।
