
सड़क पर सरेआम झूमकर नाचती नर्तकी को मस्त होकर फूल फेंक फेंक कर मारने वाले को हमारे यूपी में वैसे तो "लौंडियाबाज" या फिर "शोहदा" ही कहा जाता है.
लेकिन इस चित्र में ऐसी ही हरकत करता नज़र आ रहा दढ़ियल खुद को साधू संत और आचार्य कहता है. पिछले दिनों समाजवादी पार्टी का ठेकेदार बनकर यह साधू उर्फ़ "शोहदा" कैराना गया था.
कैराना से लौटकर इसने वहाँ के कटटरपंथी साम्प्रदायिक मुस्लिम गुंडों को क्लीन चिट दे दी और उनके डर से अपना घर-बार, जमीन जायदाद, दुकान-मकान छोड़कर भागे हिन्दुओं को झूठा और उनकी पीड़ा/समस्या को झूठी और अफवाह घोषित कर दिया है.
NOTE : यह चित्र किसी धार्मिक आयोजन का नहीं बल्कि तब का है जब यह साधू उर्फ़ "शोहदा" कांग्रेस के टिकट पर सम्भल से लोकसभा का चुनाव लड़ा था. तब बम्बई से इसके प्रचार के लिए आई यह "नाचनेवाली" नाच-नाच कर इस साधू उर्फ़ "शोहदे" के लिए वोट मांग रही थी और यह मस्त होकर उसपर फूल लुटा रहा था. हालांकि इसके बावजूद चुनाव में इसकी जमानत जब्त हो गयी थी. इस साधू उर्फ़ हिन्दूद्रोही "शोहदे" का सच सोशल मीडिया के हर सदस्य को अवश्य बताएं.
(Madan Mohan Tiwari)
