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कलेक्टर हो तो ऐसा : स्कूल सील हुआ तो प्रशांत ने अपने दफ्तर में ही शुरू करवाई बच्चों की क्लास

    केरल में तैनात एक IAS अफसर की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. यह अफसर अपने नेक काम की वजह से सुर्खियों में है. कोझिकोड के डीएम एन. प्रशांत अपने दफ्तर में ऐसे बच्चों के लिए स्कूल चला रहे हैं, जो किन्हीं वजहों से पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे.
     हुआ यूं कि शहर का एक प्राइमरी स्कूल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सील कर दिया गया था. इसके बाद इसमें पढ़ने वाले बच्चे तालीम पाने से वंचित रह गए. लेकिन प्रशांत ने इन बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के इंतजाम किए और अपने दफ्तर में ही जगह दे दी.
पढ़ने ही नहीं खाने का भी किया इंतजाम........
    डीएम ऑफिस के एक हिस्से में इन बच्चों के बैठने की जगह बना दी गई. यही नहीं, स्कूल का स्टाफ भी यहां बैठता है और ज़िम्मेदारियां पूरी करता है. कलेक्टर महोदय ने इस अस्थायी स्कूल में पढ़ रहे सभी बच्चों के खाने की व्यवस्था भी कर दी है.
'फूड कूपन योजना' भी शुरू कर चुके हैं प्रशांत...........
     प्रशांत इससे पहले भी चर्चा में रहे, जब इन्होंने इस जिले में गरीबों के लिए 'फूड कूपन योजना' की शुरुआत की थी. ये फूड कूपन जिले में 25 वितरण केंद्रों पर उपलब्ध हैं. यह प्रोजेक्ट रेस्टोरेंट्स के बाहर रखे कलेक्शन बॉक्स में इकट्ठा होने वाले पैसे से चलाया जा रहा है. यह योजना 30 रेस्टोरेंट्स की भागीदारी से शुरू की गई थी, लेकिन आज 100 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स इस योजना का हिस्सा बन चुके हैं.
प्रशांत के बनाए फेसबुक पेज से जुड़े 2 लाख लोग.......
     2007 बैच के आईएएस अफसर प्रशांत ने बीते साल फरवरी में जिले का चार्ज लिया था. 36 साल के प्रशांत ने अपने दफ्तर के नाम एक ऑफिशियल फेसबुक पेज बनाया है और आज की तारीख में 2 लाख से भी ज्यादा लोग इस पेज से जुड़ चुके हैं.
    जिस पद पर प्रशांत हैं, उसे देखते हुए उनका बच्चों के लिए किया गया ये काम सराहनीय तो है, लेकिन इंसानियत की नज़र से ये अनुकरणीय है.