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पहली बार वायुसेना में शामिल हुईं तीन महिला फाइटर पायलट

मोहना, अवनी और भावना ने रचा इतिहास
     भारतीय वायुसेना तीन महिला पायलट भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह ने शनिवार को इतिहास रच दिया.
    इन महिला पायलटों ने शनिवार को वायुसेना के लड़ाकू विमान को उड़ाया. वायुसेना के इतिहास में यह पहला मौका था जब महिलाओं ने लड़ाकू विमान उड़ाया.
    भारतीय वायुसेना में पहली बार तीन महिला पायलटों को लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए समारोहपूर्वक वायुसेना में शामिल गया.
     हैदराबाद से तकरीबन तीन किलोमीटर दूर डुंडिगल एयरफोर्स अकादमी में पहली बार तीन महिला पायलटों को लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए समारोहपूर्वक वायुसेना में शामिल गयी. देश की इन प्रथम तीन जांबाज महिलाओं का चयन 120 महिला कैडेटों में से किया गया था.
     पिछले साल अक्टूबर माह में भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना में महिला लड़ाकू पायलटों को भी शामिल करने की मंजूरी प्रदान की थी. हालांकि वर्ष 1991 से ही यहां की वायुसेना में महिलाएं हेलीकाप्टर तथा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाती आ रही हैं. लेकिन लड़ाकू विमानों से इनको दूर ही रखा जाता था. भारतीय वायुसेना में कुल 15 सौ महिला कर्मचारी हैं.
    महिला लड़ाकू पायलटों के चयन के पहले चरण में 120 कैडेट्स में से सिर्फ 37 का चयन किया गया था, जिसमें से अंतिम दौर में उक्त तीन कैडेट्स चुनी गईं. वायुसेना ने फायटर महिला फाइलटों को चार साल तक गर्भधारण न करने का निर्देश जारी किया गया है.
    दुनिया के अन्य देशों जैसे अमेरिका, रूस आदि में महिला लड़ाकू विमान पायलटों की नियुक्ति पहले से ही कर रखी है. यहां तक की पाकिस्तान में भी पिछले दिनों एक महिला पायलट काफी सुर्खियों में रही थीं, जो वहां लड़ाकू विमान की पायलट हैं.