
भारत को अब तक एक विकासशील देश के तौर पर जाना जाता था, लेकिन अब भारत एक 'निम्न मध्य आय' वाला देश बन गया है। विश्व बैंक ने अपने नए आंकड़े जारी करते हुए देशों को विकसित और विकासशील के बीच बांटने की प्रथा को खत्म कर दिया है। अब तक कम और मध्यम आय वाले देश विकासशील कहे जाते थे और ज्यादा आय वाले देश विकसित देश कहलाते थे। अब विकसित देशों को 'उच्च आय वाले देश' कहा जाएगा, जबकि भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों को 'निम्न मध्य आय' वाला देश कहा जाएगा। इसके अलावा चीन, मैक्सिको और ब्राजील जैसे देशों को उच्च-मध्य आय वाला देश कहा जाएगा।हालांकि संयुक्त राष्ट्र अब भी देशों को विकासशील और विकसित की श्रेणी में ही रखता है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक पूरी दुनिया में 159 देश विकासशील हैं, जबकि पूरा यूरोप, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड विकसित देशों की श्रेणी में आते हैं। वहीं मलावी देश सबसे नीचे ‘लो इनकम’ देश है।
विश्व बैंक कई दशको से दुनिया के सभी देशो की रैंकिंग करता आया है। विश्व बैंक किसी देश के आर्थिक आधार, वहा के लोगो का रहन सहन, नागरिको की आर्थिक स्थिति, जीडीपी ग्रोथ आदि मानको को देख कर बताता है की कौन सा देश विकासशील है और कौन सा विकसित। विश्व बैंक ने विकसित और विकासशील देशो के नाम पर किया जाने वाला वर्गीकरण समाप्त कर दिया है। विश्व बैंक के अनुसार भारत में बिजली उत्पादन की दर कम है, रोजगार के अवसर उपलब्ध नही है जिससे बेरोजगारी की दर बढ़ रही है, स्वछता के मामले में देश अभी पीछे है, बिजनेस करना आसान नही है (बाकी देशो में बिजनेस शुरू करने में 20 दिन लगते है वही भारत में 29 दिन लगते है), इन्ही कारणों की वजह से भारत को लोअर इनकम श्रेणी में डाला गया है।