बिजली दुर्घटनाओं रोकने के लिए अब विद्युत कर्मियोें को सिखाएं जाएंगे कुछ खास गुर

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तकनीकी सहायकों को निरन्तर प्रशिक्षिण की सुविधा मिलेंगी
    अजमेर।। राज्य में निरन्तर हो रही बिजली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विद्युत वितरण निगम प्रशासन सर्तक प्रशिक्षिण देने की व्यवस्था करने जा रहा है। राजस्थान में बिजली दुर्घटनाओं से मरने वालों की संख्या में निरन्तर वृद्धि को प्रशासन ने गम्भीरता से लिया है और इन पर अंकुश लगाने के लिए अपने कर्मचारियों को निरन्तर प्रशिक्षिण देने का निर्णय किया है, जिससे प्रदेश में जन-धन की हानि को रोका जा सके।
    विद्युत वितरण निगमों के अध्यक्ष श्रीमत पाण्डे ने गुरूवार को जयपुर में इस संबंध में कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बिजली कंपनियों के सेवानिवृत्त अधिकारियों से विचार विमर्श किया। बैठक में बताया गया कि 2007 से अब तक 3772 विद्युत कर्मचारी व अन्य लोग मारे जा चुके है और 2620 घायल हो चुके है।
    राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने भी बिजली के तार टूटने और कंरट लगने से हुई मौतों पर गम्भीर चिन्ता जताई है और तीनों विद्युत वितरण निगमों को निर्देश दिये है कि इस दिशा में उपभोक्ताओं को जागरूक करने और विद्युतकर्मियों को निरन्तर प्रशिक्षिण देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। नियामक आयोग ने बिजली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निर्धारित सुरक्षा मानदण्डों की कढ़ाई से पालना कराने के निर्देश दिये हैं। जिसके लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने विस्तृत प्रावधान तय कर रखे है। नियामक आयोग ने बिजली दुर्घटनाओं के प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता पैदा करने और इस कार्य के लिए बिजली कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए तीनों विद्युत वितरण निगमों को 50-50 लाख रूपये खर्च करने की अनुमति दी है।
    डिस्काॅम अध्यक्ष ने बताया कि इस दिशा में विद्युतकर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत पहले चरण में ट्रेनर्स को देश के जाने माने विशेषज्ञों से ट्रेनिंग दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद ग्राम से लेकर जिला स्तर तक प्रशिक्षित लोग जनता और विद्युतकर्मियों को बिजली दुद्र्यटनाओं से बचने के उपाय सिखाएंगें। आने वाले समय में उपभोक्ताओं में बिजली दुद्र्यटनाओं से बचने के लिए जागरूकता पैदा करने और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के कार्य का व्यापक प्रसार पूरे प्रदेश में किया जाऐगा और इसके लिए विद्युत वितरण निगम रिटायर्ड इंजीनियर ओर स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लेगी।
डिस्काॅम अध्यक्ष ने इस संबंध मे विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये।
सुरक्षा के लिए सामान्य प्रावधानः-
    विद्युत अधिनियम व केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के रेग्यूलशनों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्णित सामान्य प्रावधानों के बारे में भी अभियन्ताओं को जानकारी दी जाएगी। इसमें बिजली लाईनों पर कार्य करने वाले कर्मचारी, प्रसारण एवं वितरण तंत्रा के निर्माण, संचालन व रखरखाव के दौरान सुरक्षा उपाय, रिकार्ड रखने एवं उनका निरीक्षण, बिजली आपूर्ति क्षेत्रा के बारें में योजना बनाना एवं उसका निरीक्षण, सामान्य सुरक्षा आवश्यकताएं, उपभोक्ता के मकान पर सर्विस लाईन एवं उपकरण, उपभोक्ता के मकान पर अर्थिंग टर्मिनल, खतरे की सूचना, विद्युत आपूर्ति लाईनों एवं उपकरणों की हैण्डलिंग, स्ट्रीट बाक्स, इलेक्ट्रीक शाक से बचाव के लिए निर्देशों को प्रदर्शित करना, विद्युत तंत्रा के नियमित निरीक्षण, कनेक्शन से पूर्व लीकेज एवं उपभोक्ता के भवन पर लीकेज पर सावधानी, विद्युत की आपूर्ति एवं उपयोग, 650 वोल्ट से अधिक पर विद्युत का उपयोग, सर्विस लाईन से ओवहैड लाईन की दूरी, सपोर्ट के बीच की अधिकतम दूरी, अर्थिंग सहित विभिन्न रेग्यूलेशनों में वर्णित बिन्दुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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