जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में एक महिला को ब्रेन हेमरेज हो गया था, लेकिन ब्रेन हेमरेज के बाद भी महिला के गर्भ में पल रहा बच्चा स्वस्थ था। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की टीम ने महिला को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखने का फैसला किया ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे का सही ढंग से विकास हो सके। बच्चे के पिता की ओर से भी डॉक्टरों की टीम को इसकी मंजूरी दे दी गई। जिसके बाद महिला को करीब चार माह तक लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। इस 37 वर्षीय महिला के बच्चे को पैदा करने के लिए सिजेरियन डिलीवरी का सहारा लिया गया। डॉक्टरों की टीम के मुताबिक महिला के गर्भ का विकास सही रूप से हो पाना हमारे लिए बड़ा चैलेंज था। वहीं पुर्तगीज सोसाइटी ऑफ ऑब्सेट्रिशिएन्स की मुख्य अधिकारी लुइस ग्रेसा ने बताया कि इस तरह के ज्यादातर केस में लोगों का बच पाना बेहद ही मुश्किल होता है, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने महिला को जीवित रखा और उसके भ्रूण विकास पर भी पूरी नजर रखी। यह काम बेहद ही मुश्किल था। इसे हम किसी करिश्मे से कम नहीं कहेंगे।
इस महिला ने मरने के कई माह बाद भी दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म !
1:45 PM
जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में एक महिला को ब्रेन हेमरेज हो गया था, लेकिन ब्रेन हेमरेज के बाद भी महिला के गर्भ में पल रहा बच्चा स्वस्थ था। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की टीम ने महिला को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखने का फैसला किया ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे का सही ढंग से विकास हो सके। बच्चे के पिता की ओर से भी डॉक्टरों की टीम को इसकी मंजूरी दे दी गई। जिसके बाद महिला को करीब चार माह तक लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। इस 37 वर्षीय महिला के बच्चे को पैदा करने के लिए सिजेरियन डिलीवरी का सहारा लिया गया। डॉक्टरों की टीम के मुताबिक महिला के गर्भ का विकास सही रूप से हो पाना हमारे लिए बड़ा चैलेंज था। वहीं पुर्तगीज सोसाइटी ऑफ ऑब्सेट्रिशिएन्स की मुख्य अधिकारी लुइस ग्रेसा ने बताया कि इस तरह के ज्यादातर केस में लोगों का बच पाना बेहद ही मुश्किल होता है, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने महिला को जीवित रखा और उसके भ्रूण विकास पर भी पूरी नजर रखी। यह काम बेहद ही मुश्किल था। इसे हम किसी करिश्मे से कम नहीं कहेंगे।
