नई दिल्ली।। दिल्ली से करीब 2000 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक मंदिर जो धर्म और विज्ञान के लिए पिछले साढ़े चार सौ साल से अबूझ पहेली बना हुआ है। ये है लेपाक्षी मंदिर, इस मंदिर की दक्षिण भारत में बड़ी मान्यता है। पौराणिक कहानियों की वजह से भी और मंदिर में दिखते चमत्कारों की वजह से भी। इस मंदिर को विजयनगर के राजाओं ने बनवाया था। इस मंदिर में सबसे अद्भुत है इसका एक खंभा जो हवा में झूलता रहता है।
लेकिन जिस पर्वत पर ये मंदिर बना है, उस जगह का पहला ज़िक्र मिलता है रामायण में। कहते हैं जब रावण सीता का अपहरण करने के बाद श्रीलंका रवाना हुआ तो पक्षीराज जटायु ने इसी जगह पर रावण का रास्ता रोका था। ऐसा माना जाता है कि ये वही जगह है, जहां रावण और जटायु के बीच भयंकर युद्ध हुआ और इसी जगह पर रावण ने जटायु को घायल कर दिया था। ये सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि इस मंदिर में मौजूद एक निशान को उस कहानी का गवाह बताया जाता है।

