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दवा घोटाले में सीबीआइ ने रेलवे अफसरों के 15 ठिकानों पर मारे छापे, करोड़ों बरामद

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     लखनऊ।। सीबीआइ ने लखनऊ में रेलवे अफसरों के 13 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी लखनऊ के अलावा रायबरेली में दो जगह की है। यह कार्रवाई रेलवे डिविजनल हॉस्पिटल में करोड़ों की दवाई के हेरफेर के चलते की गई। इस हेरफेर में अस्पताल के सीएमएस, एसीएमएस, सीनियर डीएमओ, फार्मासिस्ट और हॉस्पिटल अटेंडेंट पर सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है।
    वित्तीय वर्ष 2012-2014 के दौरान लखनऊ हॉस्पिटल में तैनात सीएमएस, एसीएमएस, सीनियर डीएमओ, फार्मासिस्ट और हॉस्पिटल अटेंडेंट ने एंटी-कैंसर दवाओं की खरीद में हेर-फेर की थी। इसको लेकर रेलवे विजिलेंस को जब शक हुआ तो पहले इन सभी का ट्रान्सफर लखनऊ से कर दिया गया। बाद में मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया।
     इस घोटाले में 2012-14 के दौरान डिविजन हॉस्पिटल लखनऊ में तैनात सीएमएस डॉ. यू बंसल, एसीएमएस राकेश गुप्ता, सीनियर डीएमओ डॉ. सुनीता गुप्ता, फार्मासिस्ट एस.एस.मिश्रा, हॉस्पिटल अटेंडेंट ताराचंद्र, इन सभी के 15 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सीबीआई को सीनियर डीएमओ के घर से लगभग 1.6 करोड़ रूपए और कई इन्वेस्टमेंट के डाक्यूमेंट्स मिले हैं जिसे जप्त कर लिया गया है। इस छापेमारी में सीबीआई के हाथ घोटालों से संबंधित भी कई दस्तावेज मिले हैं जिससे लीड लेकर सीबीआई आगे की कार्रवाई कर रही है। साथ ही सीबीआई की टीमें इन ऑफिसर्स के कई और ठिकानों पर भी छापेमारी जारी रखे है।
    1 करोड़ 60 लाख रुपए सुनीता के आवास पर बरामद हुए हैं जबकि 20 लाख रुपए बैंक लॉकर से बरामद किए गए। डा. सुनीता ने सन 2012 में इंडोर हास्पिटल में रेलने डिवीजन की दवाओं के लोकल खरीद में घपला किया है। बताते है कि फर्जी तरीके से मरीजों के नाम दर्ज कर दवा खरीद कर उन्हे बेंच दिया गया। इस मामले की रेलवे विजलेंस टीम भी जांच कर रही है। मामले में डा. सुनीता के खिलाफ जनवरी में मुकदमा दर्ज किया गया था। सीबीआई की टीम ने लखनऊ में 11 तथा रायबरेली में 2 स्थानों पर छापा मारा है।