कानपुर महानगर सिर्फ अपने पुराने इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि आकर्षक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए भी खूब लोकप्रिय है। यहां एक ऐसा मंदिर है जो 15 दिन पहले ही मानसून आने की जानकारी दे देता है। जी हां कानपुर के बेहटा गांव में 5 हजार साल पुराना भगवान जगन्नाथ का यह मंदिर है, जो 15 दिन पहले ही मानसून आने की जानकारी दे देता है। 21वीं सदी के इस वैज्ञानिक युग में हो सकता है कि इस बात पर आप भरोसा न करें। खासकर ऐसे समय में जब मौसम विज्ञान के लिए भी मानसून की बिल्कुल सटीक भविष्यवाणी करना संभव नहीं है, लेकिन यह सच है।
गांव के किसान हर साल इसी पुराने मंदिर की छत से टपकने वाली बूंदों को देखकर बारिश आने का अनुमान लगाते हैं। बताते हैं कि बारिश आने से करीब दो सप्ताह पहले ही मंदिर की छत से पानी टपकने लगता है। इतना ही नहीं, जमीन पर टपक कर गिरे पानी की मात्रा देखकर यह भी अनुमान लगा लेते हैं कि इस साल बारिश अधिक होगी, कम होगी या मध्यम होगी। फिर इसी अनुमान के आधार पर गांव के आसपास के सभी किसान अपने-अपने खेतों की जुताई और खाद-बीज का प्रबंध करना शुरू कर देते हैं। दिलचस्प है कि क्षेत्र में बारिश तय अनुमान के मुताबिक ही होती है और करीब 50 किमी. के दायरे में बारिश का यह असर रहता है।
गांव के किसान हर साल इसी पुराने मंदिर की छत से टपकने वाली बूंदों को देखकर बारिश आने का अनुमान लगाते हैं। बताते हैं कि बारिश आने से करीब दो सप्ताह पहले ही मंदिर की छत से पानी टपकने लगता है। इतना ही नहीं, जमीन पर टपक कर गिरे पानी की मात्रा देखकर यह भी अनुमान लगा लेते हैं कि इस साल बारिश अधिक होगी, कम होगी या मध्यम होगी। फिर इसी अनुमान के आधार पर गांव के आसपास के सभी किसान अपने-अपने खेतों की जुताई और खाद-बीज का प्रबंध करना शुरू कर देते हैं। दिलचस्प है कि क्षेत्र में बारिश तय अनुमान के मुताबिक ही होती है और करीब 50 किमी. के दायरे में बारिश का यह असर रहता है।
