क्या बात है यह मुस्लिम पुलिस कमिश्‍नर लेते हैं सिर्फ 1 रुपए सैलेरी

Translate News:
   अहमद जावेद उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर जिले के टांडा कसबे के रहने वाले हैं। उन्‍होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन्स कॉलेज से ग्रैजुऐशन पूरा किया। जावेद को बिलियर्ड्स खेलना बहुत पसंद है।
     पुलिस और प्रशासन के अफसरों की खराब एवं भ्रष्‍ट इमेज के बीच यह खबर बहुत सुकून देती है। जब आपको पता चलता है कि एक आईपीएस अधिकारी सिर्फ एक रुपए वेतन लेते हैं। है न हैरानी की बात। जी हां, मुंबई के पुलिस कमिश्‍नर अहमद जावेद ऐसे ही ईमानदार अफसरों की एक मिसाल हैं। अपनी सैलरी के रूप में मात्र एक रुपए लेते हैं।
पिता भी थे आईएएस
    शीना मर्डर केस की जांच कर रहे मुंबई पुलिस कमिश्‍नर राकेश मारिया के प्रमोशन और ट्रांसफर के बाद आए अहमद जावेद पहले डीजी होमगार्ड थे। 1980 बैच के आईपीएस जावेद बहुत सामाजिक कार्य करते रहते हैं। कई वेबसाइट के अनुसार वह सरकार से सिर्फ एक रुपए सैलेरी लेते हैं। बाकी पुलिस फंड में दान दे देते हैं। अहमद जावेद के पिता काज़ी मुख्तार भी सीनियर आईएएस अफसर थे।
दिल्‍ली पुलिस में भी दी हैं सेवाएं
    अहमद जावेद उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर जिले के टांडा कसबे के रहने वाले हैं। उन्‍होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन्स कॉलेज से ग्रैजुऐशन पूरा किया। जावेद को बिलियर्ड्स खेलना बहुत पसंद है। उन्होंने मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के तौर पर गेटवे ऑफ इंडिया और झावेरी बाजार में हुए बम धमाकों की जांच की है। इसलिए वह मुंबई की अपराध दुनिया के लिए नए नहीं है। 1983 से 1985 तक दिल्ली वह दिल्‍ली पुलिस में थे।
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top