दरअसल जम्मू कश्मीर के बारामुला जिले के उरी में इस्लामिक आतंकियोंने रात को 4 बजे हमला कर दिया जब सेना के कुछ जवान ड्यूटी के बाद सो रहे थे, इस हमले में हमारे 17 जवानों की मौत हो गयी वहीँ 23 जवान अस्पताल में घायल अवस्था में पड़े है। इस घटना के बाद भारत के रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर घायल सैनिको से मिलने कश्मीर पहुचे थल सेना प्रमुख दलबीर सुहाग पहले ही वहां पहुचे हुए थे।
जैसे ही रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर वहां पहुचे कुछ सैनिक रोने लगे और उनके आंसू आ गए, जिसे देखकर मनोहर पर्रिकर सुन्न हो गए वो कुछ बोल नहीं सके पास खड़े सेना प्रमुख दलबीर सुहाग ने रक्षामंत्री को बताया की सैनिक बड़े दुखी है। सैनिको ने कहा है की, "हमारे साथी ड्यूटी कर आराम कर रहे थे, उनको कायरता से क़त्ल कर दिया गया उनमे से बहुत से सैनिक अभी नए थे, वो जवान थे उन्होंने जिंदगी भी नहीं देखी, उन सभी के भी परिवार है"। सैनिको ने कहा है की, "उन्हें कार्यवाही करने की अब छूट दी जाये, वो लड़कर मरना पसंद करते है पर इस तरह क़त्ल किया जाना उन्हें मंजूर नहीं है"।
सैनिको ने कहा है की, "कश्मीर में ड्यूटी करना बेहद मुश्किल है, हमारे सामने हमे गाली दी जाती है, फिर भी हम चुप रहते है"। दलबीर सिंह ने रक्षामंत्री को बताया की सैनिक अब चाहते है की उनको कार्यवाही की छूट हो, वो अपने और साथियों की मौत को नहीं देखना चाहते, सैनिक भी इंसान है उनमे भी भावना है वो एक साथ ड्यूटी करते है उनमे मित्रता हो जाती है और अपने मित्रो को मरते देख उनका मनोबल कमजोर हो रहा है।
खबर ये भी है की, बहुत से सैनिको ने सुबह से कुछ नहीं खाया, वो लोग बेहद दुखी है, सैनिको का कहना है की अपने साथियों की मौत का बदला लेने के बादकुछ खाएंगे बता दें की रक्षामंत्री पर्रिकर भी ये सब सुनकर भावुक दिखे, फिर उन्होंने सभी घायल सैनिको से एक एक कर मुलाकात की है!
जब रक्षामंत्री वहां से निकल रहे थे तो उन्होंने एक सैनिक को अपने हाथ से पानी भी पिलाया आपको बता दें की सेना को कश्मीर में खुली कार्यवाही की छूट नहीं है, सेना को जानकारी है की कश्मीर में मस्जिदों में आतंकियों को शरण दी जाती है पर कार्यवाही की छूट नहीं है,सेना के सामने ही जिहादी तत्व पाकिस्तान के नारे लगाते है पर सेना को कार्यवाही की छूट नहीं है, इस तरह के कई बंधन सेना पर कश्मीर में है, और इसी कारण आज रक्षामंत्री के सामने जवानों के आंसू निकल गए l
