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यूपी के CM से मिलने पर चमक गई एक गरीब रिक्शा चालक की किस्मत

akhilesh-with-rikshawala     अखिलेश यादव इन दिनों बहुत सुर्खियों में है लेकिन उन्होंने दिवाली के त्यौहार पर एक रिक्शेवाले को ऐसा तोहफा दिया है जिसके लिए वो दिन-रात मेहनत करता है और फिर भी उसे वो चीज़ हासिल नहीं हो पाती है। ये वाकया कोई पुराना नहीं है इसी साल का और अभी का है। आइए आपको बताते हैं कि अखिलेश ने रिक्शेवाले को ऐसा क्या तोहफा दिया है।
akhilesh-yadav-riksha-twitter    पेटीएम का नाम तो आप सभी जानते ही है। आपके मोबाइल में पेटीएम का ऐप भी इंस्टॉल ही होगा। तो पेटीएम के सीईओ एक रिक्शे में बैठकर यूपी सीएम से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे। जब वे बंगले पर पहुंचे तो काफी देर के बाद रिक्शा चालक अपने पैसे मांगकर जाने लगा तो अखिलेश ने उन्हें बुलाया और दिवाली के गिफ्ट के रूप में 6 हजार रूपए कैश दिए।
     ये कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। अखिलेश ने सिर्फ 6 हजार रूपए देकर अपना पल्ला नहीं झाड़ लिया बल्कि उन्होंने उस रिक्शेवाले का कुछ ऐसा भी दिया। जिसके लिए एक आम आदमी को ज़िन्दगी भर पैसे जमा करना होता है। ये चीज़ इंसान के लिए इतनी ज़रूरी है कि इसके बिना ज़िन्दगी गुजारना मुश्किल है। नेक्सट पेज पर जानिए अखिलेश ने रिक्शेवाले को क्या गिफ्ट दिया।
      अखिलेश ने जब रिक्शावाला जा रहा था तब उसे 6 हजार रूपए तो दिए ही साथ ही उसे एक ई-रिक्शा और लखनऊ में घर का तोहफा दिया। यूपी के सीएम के हाथों दिवाली पर ये तोहफा पाकर साइकिल रिक्शा चालक की दिवाली तो रोशन हो गई साथ ही उसका सपना भी पूरा हो गया।
ऐसे चमकी रिक्शावाले की किस्मत
      दरअसल पेटीएम के सीईओ विजय शेखर जब सीएम से मिलने आ रहे थे तब उनकी कार ट्रेफिक जाम में फंस गई थी। तब उन्हें सीएम से मिलने में देर न हो जाए इसलिए वे रिक्शा पकड़कर सीएम से मिलने चल पड़े। जब वे सीएम आवास पहुंचे तब वे बाहर ही खड़े थे उनसे काफी पूछताछ की गई इसमें समय लग गया था। जब काफी समय के बाद अपने पैसे लेकर रिक्शा चालक जाने लगा तब अखिलेश ने उन्हें बुलाकर दिवाली का ये अमूल्य तोहफा दिया। 
       सीएम अखिलेश यादव ने ये घटना और रिक्शेवाले की फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है। उन्होंने बताया है कि रिक्शेवाले का नाम मणिराम है। मणिराम ने बताया, “मैं कालीदास मार्ग के पास बैठा था तब किसी सवारी ने मुझे दूर से आवाज लगाई। मुझे नहीं पता कि वह कौन था। मैंने सोचा था कि मैं उन्हें सीएम हाउस के बाहर छोड़ दूंगा, लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि मैं उन्हें बंगले के अंदर लेकर चलूं। वहीं पर मैंने मुख्यमंत्री अखिलेश भईया को देखा और उन्हें सारी बात बता दी।“