Headline
Loading latest headlines...

क्या आप परेशान हैं! तो आजमाएं ये टोटके

0
Translate Post:
Image result for totke     दुख-सुख, अच्छे-बुरे दिन, लाभ-हानि, यश-अपयश, सफलता-विफलता, हारी-बीमारी आदि सभी इस जीवन के विभिन्न रंग हैं। समय-समय पर मनुष्य को विभिन्न प्रकार के सुख-दुख भोगने पडते हैं। यद्यपि ये सभी हमारे जन्म और पूर्व जन्मों के प्रभाव का फल हैं, परन्तु फिर भी इनके दुष्प्रभावों को कम तो किया ही जा सकता है।
     इस कार्य के लिए सम्पूर्ण विश्व में ही मानव अनेक टोने-टोटकों का प्रयोग करता रहा है। यही नहीं, सौभाग्य को बढाने, घर में सुख-समृद्धि लाने, व्यापार को चमकाने के लिए भी अनेके टोने-टोटकों का प्रयोग किया ही जाता है। यही नहीं, नि:संतान दम्पतियों ने सन्तान और दरिद्रों ने राजसी वैभव भी टोने-टोटकों के बल पर प्राप्त किए हैं। टोने-टोटकों और गंडे-तावीजों का अपना एक पूर्ण विज्ञान है और यही कारण है कि इस क्षेत्र में सफलता प्राप्ति के कुछ नियमों का पालन आवश्यक ही नहीं, बल्कि अनिवार्य है।
टोटकों में सफलता के सूत्र- 
    आस्था, विश्वास, प्रयास और उनकी सिद्धि के विविध नियम का पालन टोटका-सिद्धि का मूल आधार है, जिसके द्वारा आपके सभी प्रकार के कष्टों का निवारण हो सकता है। जब किसी भी उपचार या औषधि का कोई प्रभाव नहीं पडता, तो उसके समय टोने-टोटके का सहारा लेना पड जाता है। ये टोटके उस व्याधि का अंत ही नहीं करते, बल्कि सदा के लिए उसकी जडें भी उखाड फेंकते हैं। कुछ टोटके केवल वस्तु के प्रयोग से ही सफल हो जाते हैं, जबकि कुछ टोटकों के प्रयोग में एक विशेष प्रकार की ध्वनि या मंत्र का भी उच्चारण करना पडता है। टोटकों के प्रयोग से पूर्व इन बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
उतारों की विधि व महत्व
     टोने-टोटकों के संसार में उतारों का बहुत ही अधिक महत्व हैं। बालको को नजर लग जाने, किसी के भूत बाधाग्रस्त होने अथवा बीमार हो जाने पर झाड-फूंक के साथ ही उतारे भी किए जाते हैं। कोई भी उतारा सर से पैर की ओर सात बार उतारा जाता है। इस उतारे के करने से वह बीमारी अथवा दुष्ट आत्मा उस मिठाई के टुकडे पर आ जाती है और इस उतारे को घर से दूर रख आने पर उसके साथ ही घर से बाहर चली जाती है।
रविवार : इतवार के रोज यदि उतारा करना हो, तो बर्फी से उतारा करे बर्फी गाय को खिला देनी चाहिए। सोमवार : सोमवार के रोज भी यदि उतारा करना हो, तो उस रोज भी बर्फी के टुकडे से उतारा करके गाय को ही खिलाना चाहिए।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
  • Loading Posts...