जिन्होंने मुलायम पर गोलियां चलवाई, उन्ही की गोद में जा बैठे अखिलेश : मोदी

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जिन्होंने मुलायम पर गोलियां चलवाई, उन्ही की गोद में जा बैठे अखिलेश : मोदी

कन्नौज की रैली में नरेंद्र मोदी
    कन्नौज।। नरेंद्र मोदी समाजवादी पार्टी के मजबूत गढ़ कन्नौज में रैली कर रहे हैं। मोदी ने कहा- 2014 में भी यहां से प्यार मिलता तो अच्छा रहता। लेकिन आपने आंख की शर्म की वजह हमें ये मौका नहीं दिया। कांग्रेस-सपा अलायंस पर तंज कसते हुए पीएम ने कहा- वो एमएलसी के चुनाव भी हार गए, जनता को ये साथ पसंद नहीं आया। मोदी ने कहा- अखिलेश कांग्रेस की गोद में जा बैठे उन्हें मुलायम पर हुआ हमला याद नहीं आया।
क्या कहा मोदी ने..
- मोदी ने कहा, “आप मुझे आज इतना प्यार और इतना आशीर्वाद दे रहे हो, अगर 2014 में भी मुझे दे दिया होता तो कितना अच्छा होता। कुछ सीटें जहां दो कुनबे के लोग लड़ रहे थे, आपने आंख की शर्म के कारण उन पर कृपा कर दी। इस बार वो दो कुनबे इकट्ठे होकर आपके सपनों को कुचलकर सत्ता हथियाने के लिए आए हैं।”
- “आज मैं कन्नौजवासियों में देख रहा हूं कि जो कसर 2014 में रह गई, उसे इस बार आप पूरी करने वाले हैं। मैं वादा कर रहा हूं कि आप जो मुझे प्यार दे रहे हैं, उसे मैं विकास के जरिए लौटाउंगा।”
- "भाइयो, बहनो! आज जो कन्नौज की ये इत्र की धरती है। ये धरती हिंदुस्तान के हर कोने में सुगंध फैलाती है। मैं आप लोगों से देश के सवा सौ करोड़ लोगों की खुशी बांटना चाहता हूं। स्पेस में भारत बार-बार नए विकास की सीमाएं पार करता चला जा रहा है।”
वैज्ञानिकों ने आकाश में भी सेन्चुरी लगाई
- “आज सुबह हमारे देश के वैज्ञानिकों ने स्पेस प्रोग्राम में एक ऐसा काम किया, जिसने विश्व के स्पेस के प्रोग्राम में आज हमारे वैज्ञानिकों की कहानी सुनहरे अक्षरों से लिखी जाएगी। आज हमारे वैज्ञानिकों ने एकसाथ 104 सैटेलाइट लॉन्च किए। आज हमारे देश के वैज्ञानिकों ने आकाश में भी सेन्चुरी पार कर दिए। इनमें से तीन हमारे थे और 101 सैटेलाइट जो थे वो दुनिया के दूसरे देशों के थे।”
- “मोदी ने भीड़ की वजह से हंगामा मचने पर लोगों को समझाया। उन्होंने कहा, "इस सज्जन को क्या तकलीफ है भाई। मैदान छोटा पड़ गया है, आप लोग कृपा करके आगे आने की कोशिश मत करिए। जहां हो, वहीं से बीजेपी को जिताना हमारा संकल्प है।”
- “हमारी वैज्ञानिकों ने अमेरिकी, स्विटजरलैंड, इजराइल, यूएई जैसे देशों के सैटेलाइट लॉन्च किए। सभी वैज्ञानिकों के नाम आप एक साथ नारा बोलिए। भारत माता की जय। ये उन वैज्ञानिकों के नाम है, जिन्होंने इतना बड़ा करतब करके दिखाया है। मैं ओडिशा के नागरिकों का भी धन्यवाद करना चाहूंगा।”
यूपी से ओडिशा का जिक्र
- “भाइयो, बहनों! मैं आज इस कन्नौज की धरती से ओडिशा के नागरिकों का विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहता हूं। आप सुन लीजिए कि हमारे विरोधी ना जाने कैसे-कैसे झूठ फैलाते हैं, लेकिन वो समझ नहीं पा रहे हैं कि हिंदुस्तान का मतदाता समझदार। ओडिशा में बीजेपी कम ताकतवर थी। लेकिन, कल जब ओडिशा में चुनाव के नतीजे आए बीजेपी को अभूतपूर्व समर्थन ओडिशा ने दिया है। मैं इसके लिए उनका धन्यवाद करता हूं।”
सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए गए थे
- "कुछ लोग मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे थे। तीन-तीन महीने तक लोग बोलते रहे। लेकिन, हिंदुस्तान के गरीब से गरीब मतदाता ने उनको धूल चाटने के लिए मजबूर कर दिया। अभी यूपी में एमएलसी का चुनाव हुआ, तीन सीटें बीजेपी भारी बहुमत से यूपी में जीत गई। लोगों को ये साथ पसंद क्यों नहीं आया। एमएलसी के चुनाव में आपका सफाया क्यों हो गया?'
- "ये लोग बोलते साथ हैं,लेकिन ये स्वार्थ का मामला है। चंडीगढ़ कॉरपोरेशन में 20 साल से बीजेपी जीत नहीं पा रही थी, लेकिन यहां भी दो तिहाई बहुमत से बीजेपी जीती। महाराष्ट्र में भी सारी विरोधी शक्तियों को महाराष्ट्र ने साफ कर दिया और बीजेपी को विजयी बनाया। 8 नवंबर के बाद ओडिशा, चंडीगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान उपचुनाव, गुजरात में नगरीय निकाय के चुनाव में बीजेपी जीती है। हवा का रुख बता रहा है कि देश का गरीब बीजेपी से जुड़ गया है। '
गरीब तो गरीब ही रहा
"ये समाजवाद की बात करने वाले, इंदिरा गांधी के जमाने से गरीबी हटाओ की माला जपने वाले कितने खोखले थे, कितना झूठ बोलते थे। क्या सरकार अमीरों के लिए होती है? क्या सरकार धन्ना सेठों के लिए होती है क्या? सरकार कुछ गिने-चुने कुनबों के लिए होती है? भाईयो, बहनो! सरकार गांव, गरीब, किसान, शोषित, वंचित, युवा के लिए होती है। इनके लिए सरकार समर्पित होनी चाहिए। ये चुनाव आते ही गरीब-गरीब करते रहते थे, लेकिन कभी गरीबों के लिए ना कुछ सोचा और ना कुछ किया। '
गरीब की सूची ही नहीं दे पाए अखिलेश
- "अगर गरीब 3 रुपए का खाता है तो सरकार हर दिन उसमें 27 रुपया डालकर उसका पेट भरती है। ये यूपी सरकार कैसी गरीब विरोधी है। हमने अन्नसुरक्षा के तहत यूपी सरकार को कहा कि आपको इतने पैसे देंगे कि गरीब परिवारों को खाना मिल सके। आप उनकी सूची बनाइए। कन्नौज की धरती से बड़ी पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है कि जहां से मुलायम, अखिलेश और उनकी पत्नी ने प्रतिनिधित्व किया है। अभी तक ये लोग कौन गरीब है, किसे सस्ते में खाना देना चाहिए, उसकी सूची भी नहीं दे पाए।'
- "आप हैरान होंगे कि ये यूपी सरकार ऐसी सोई पड़ी है कि अनाथ आश्रम जैसी जगहों पर गरीबों को खाना खिलाने के लिए दिल्ली की सरकार पैसे लेकर बैठी है, लेकिन ये लोग उन्हें खाना नहीं दे पाते। इन लोगों को बिचौलिए नहीं मिल पा रहे हैं, जो उनका मकसद हल कर सकें।'
हार्ट स्टेंट का भी जिक्र
- "ये गरीबों के नाम पर सरकार चलाने वाले। 10-10 साल दिल्ली में कांग्रेस की सरकार चलाने वाले लोग बताएं क्या किया। हमने उस स्टैंट की कीमत सवा लाख करोड़ थी, उसे अब 30 हजार में बेचना पड़ेगा। जो स्टैंट 45 हजार का था, उसे अब 8 हजार में बेचना पड़ेगा।'
सपा की बहू ने भी वादा पूरा नहीं किया
- "कन्नौज इत्र से भी जाना जाता है और आलू से भी। पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी की बहू ने आलू की फूड प्रोसेसिंग के लिए, चिप्स बनाने के लिए वादा किया था कि नहीं। कारखाना लगा, आलू खरीदे, चिप्स बनी, बाजार में बिकी, किसी के पेट में गई। लेकिन, वो तो चुनाव जीत गए। अब उनसे हिसाब मांगोगे कि नहीं। हिसाब चुकता करोगे कि नहीं। मैं यूपी बीजेपी को धन्यवाद देता हूं कि उसने अपने घोषणा पत्र में एक वादा किया है और वादा किया है कि आलू, प्याज, लहसुन सरकार के मिनिमन सपोर्ट प्राइज से खरीदा जाएगा। आलू के किसान को मरने नहीं दिया जाएगा।'
हिंदी फिल्मों जैसी दोस्ती है सपा और कांग्रेस की
- "हमारे हिंदुस्तान की फिल्में आप देखते हैं। इनकी एक विशेषता होती है। इंटरवल तक जानी दुश्मन एक-दूसरे से भिड़ते हैं, षडयंत्र करते हैं और इंटरवल के बाद मिल जाते हैं। यूपी में राजनीति के मंच पर भी एक नई फिल्म चल रही है। इंटरवल तक दोनों लड़ रहे थे। 27 साल, यूपी बेहाल। नारे लगा रहे थे, यात्राएं निकाल रहे थे, अखिलेश का कच्चा चिट्ठा खोल रहे थे। इंटरवल के बाद दोनों मिल गए, ये कौन सी फिल्म है भाई? ये चुनाव बड़े कमाल का है। मैं हैरान हूं कि मीडिया का इस पर ध्यान क्यों नहीं गया। जब पहली बार पत्रकारों से बात हुई तो अखिलेश जी ने तो मायावती जी के खिलाफ बोला।”
मुलायम को तो समझ है लेकिन अखिलेश नहीं जानते कांग्रेसी कितने चतुर हैं?
- “लेकिन, जब कांग्रेस से पूछा गया तो उन्होंने ऑफिशियल कह दिया कि हमें कुछ नहीं कहना है। लेकिन, इसके बाद सवाल पूछा ही नहीं गया कि बीएसपी और मायावती पर क्या कहना है। ये चुप हैं। अखिलेश जी को अनुभव कम है, ये नहीं जानते हैं कि कांग्रेस वाले कितने चतुर हैं। मुलायम जी को तो समझ में आता है, लेकिन इन्हें नहीं समझ में नहीं आता है। कांग्रेस का एक पैर सपा के साथ बंधा हुआ है और दूसरा पैर बीएसपी के साथ बंधा हुआ है। लेकिन, सपा, बसपा और कांग्रेस आप समझ लो कि तीन पैर से दौड़ने वाला, दो पैर से दौड़ने वाला जीत नहीं सकता है। अखिलेश जी चेत जाओ, मुलायम जी तो जानते हैं आप भी समझ जाओ कि कांग्रेस ने एक पैर बीएसपी के साथ बांध रखा है और अपना फायदा देख रहे हैं।”
- “मायावती की सरकार आई तो अखिलेश भ्रष्टाचार गाते थे। अखिलेश की आई तो कांग्रेस और मायावती दोनों भ्रष्टाचार की बात कहने लगे। दिल्ली में कांग्रेस की सरकार का भ्रष्टाचार आज भी बदबू आती है उसकी। 5-5 साल बीएसपी-सपा और 10 साल कांग्रेस का भ्रष्टाचार, इतने बड़े भ्रष्टाचार के खिलाड़ी मिलेंगे तो क्या यूपी बचेगा?”
अखिलेश वो दिन तो याद कर लेते
- "आंदोलन चला, कांग्रेस के खिलाफ चला था ये आंदोलन। मैं अखिलेश जी से पूछना चाहता हूं कि जरा कांग्रेस की गोद में बैठने से पहले 4 मार्च 1984 को याद कर लेते। जब आपके पिता पर इतना बड़ा हमला करवाया था। कोई ऐसा बेटा होता है जो अपने पिता की हत्या करने की कोशिश करने वालों के पीछे जो लोग हैं, उनके साथ वो हाथ मिला रहे हैं।'



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