इन्होंने बांस और बायॉडिग्रेडबल प्लास्टिक की मदद से एक टावर बनाया है जो हवा में मौजूद नमी को संघनित करके पानी में बदल देता है. इस पानी को एक टैंक में इकठ्ठा कर लिया जाता है जहां से लोग अपने उपयोग के लिए ले लेते हैं.
करीब 33 फीट ऊंचा और 13 फीट के दायरे में बना यह टावर रोजाना लगभग 26 गैलन (लगभग 100 लीटर) पानी बना लेता है. सूखा प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे अफ्रीकी ग्रामीणों के लिए यह टावर किसी वरदान से कम नहीं है.
इस टावर को WARKA TOWER नाम दिया गया है. WARKA इथियोपिया में पाए जाने वाले एक पेड़ का नाम है.
भारत में भी कई क्षेत्रों में पीने के लिए स्वच्छ पानी का अभाव बना ही रहता है. WARKA TOWER ऐसे क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है.
इससे सम्बंधित और जानकारी warkatower.org पर प्राप्त की जा सकती है.
