योगी जी का वास्तविक नाम अजय सिंह है. वो बारहवीं लोक सभा (1998-99) के सबसे युवा सांसद थे. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 26 वर्ष थी. उन्होंने गढ़वाल विश्विद्यालय से गणित से बी.एस.सी किया है. वे गोरखपुर से लगातार 5 बार से सांसद हैं.योगी आदित्यनाथ सबसे पहले 1998 में गोरखपुर से चुनाव भाजपा प्रत्याशी के तौर पर लड़े और तब उन्होंने बहुत ही कम अंतर से जीत दर्ज की लेकिन उसके बाद हर चुनाव में उनका जीत का अंतर बढ़ता गया और वे 1999, 2004, 2009 व 2014 में सांसद चुने गए. इसका स्पष्ट अर्थ यह है कि उन्हें हर धर्म के लोग पसंद करते हैं.
जनता के बीच दैनिक उपस्थिति, संसदीय क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले लगभग 1500 ग्रामसभाओं में प्रतिवर्ष भ्रमण, संसद में सक्रिय उपस्थिति एवं संसदीय कार्य में रुचि, व्यवहार कुशलता, दृढ़ता और कर्मठता से उपजी प्रबन्धन शैली. पीड़ित, गरीब, असहाय के प्रति करुणा, किसी के भी प्रति अन्याय एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध तनकर खड़ा हो जाने का निर्भीक मन, विचारधारा एवं सिद्धान्त के प्रति अटल, लाभ-हानि, मान-सम्मान की चिन्ता किये बगैर साहस के साथ किसी भी सीमा तक जाकर धर्म एवं संस्कृति की रक्षा का प्रयास उनकी पहचान है.
योगी आदित्यनाथ जी महाराज के व्यक्तित्व में सन्त और जननेता के गुणों का अद्भुत समन्वय है. ऐसा व्यक्तित्व विरला ही होता है, यही कारण है कि एक तरफ जहॉ वे धर्म-संस्कृति के रक्षक के रूप में दिखते हैं तो दूसरी तरफ वे जनसमस्याओं के समाधान हेतु अनवरत संघर्ष करते रहते है; सड़क, बिजली, पानी, खेती आवास, दवाई और पढ़ाई आदि की समस्याओं से प्रतिदिन जुझती जनता के दर्द को सड़क से संसद तक योगी जी संघर्षमय स्वर प्रदान करते रहे हैं. इसी का परिणाम है कि केन्द्र और प्रदेश में विपक्षी पार्टियों की सरकार होने के बावजूद गोरखपुर विकास के पथ पर अनवरत गतिमान है और ऐसी ही कामना उत्तर प्रदेश के लिए भी वो रखते हैं.
कुछ लोग जो ओछी राजनीति करते हुए बेवजह मुसलमानों को भड़काते और डराते हैं कि अब वो सुरक्षित नहीं. आप देख लेना इनकी सरकार में ज्यादा सुरक्षित रहेंगे मुसलमान बस अपने ठेकेदारों के बहकावे में आकर कुछ गलत ना करें. जो सच्चा मुसलमान होगा वो क्यों डरेगा, डर तो उन्हें होगा जो खाते भारत का और गाते पाक का हैं वो चाहे कोई भी हो।
