इस मन्दिर में भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और बहन सुभद्रा की काले चिकने पत्थर की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर की 14 फीट मोटी दीवारों के बीच यूर्य और पदमनाभम की मंदिर है। वर्तमान में पुरातत्व विभाग के अधीन इस मंदिर से रथ यात्रा निकलती है। बारिश के समय एक सप्ताह पहले ही यहां के गर्भ ग्रह के छत में लगे मानसूनी पत्थर से उसी घनत्वाकार की बूंदें टपकने लगती हैं, जिस तरह की बरसात होने वाली होती है और बारिस जब शुरू होती है तो ये सूख जाती है।
आश्चर्य : बारिश आने की सूचना 7 दिन पहले दे देता है ये मंदिर
12:02 PM
इस मन्दिर में भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और बहन सुभद्रा की काले चिकने पत्थर की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर की 14 फीट मोटी दीवारों के बीच यूर्य और पदमनाभम की मंदिर है। वर्तमान में पुरातत्व विभाग के अधीन इस मंदिर से रथ यात्रा निकलती है। बारिश के समय एक सप्ताह पहले ही यहां के गर्भ ग्रह के छत में लगे मानसूनी पत्थर से उसी घनत्वाकार की बूंदें टपकने लगती हैं, जिस तरह की बरसात होने वाली होती है और बारिस जब शुरू होती है तो ये सूख जाती है।
