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मेरठ के सरधना के छुर गांव से 29 वर्ष पहले बिछड़े सलीम गहलोत को फेसबुक ने फिर से अपने परिवार से मिला दिया। कामकाज की तलाश में सलीम 1987 में घर से भाग मुंबई पहुंच गए थे। तब से परिवार से नाता टूटा हुआ था। छुर निवासी सलीम गहलौत पुत्र शाहबुद्दीन 1987 में काम की तलाश में घर से निकला था। तब उसकी उम्र महज 19 वर्ष थी। सलीम भटकते हुए मुंबई पहुंच गया। इसके बाद वहीं ईस्ट मलाड में बस गया और बाद में शिफा फार्मेसी के नाम से दवा का कारोबार शुरू कर दिया।
उधर उनके परिवार के लोगों ने सलीम को काफी तलाश किया, मगर उसका कुछ पता नहीं चला। सलीम ने भी मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2011 में सलीम का निकाह तय हुआ तो उन्होंने अपने निकाह का कार्ड फेसबुक पर अपलोड किया था, जिस पर उसके भतीजे शाहनवाज उर्फ शान पुत्र शकील तथा चचेरे भाई आसिफ गहलौत की नजर पड़ी। किसी तरह फोन पर उन्होंने सलीम से संपर्क किया, जिसके बाद लगातार फोन पर बातचीत होने लगी। सलीम अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मुंबई से मेरठ पहुंचा। वह यहां अपने भाई खलील के पास रहा और वह अपने पैतृक गांव छुर पहुंचा। सलीम का परिवार उसे देख कर खुशी से झूम उठा। सलीम का कहना है कि मुंबई में अब उसका कारोबार है और खुद का घर है। परिवार के लोगों से मुलाकात के बाद उसे लौटना पड़ेगा, लेकिन परिवार वालों से मिलने वह आता रहेगा।
