जब स्वच्छता अभियान की आड़ में जफर हुसैन की हत्या कर दी जाती है तो उसी
स्वच्छता का माखौल उड़ाने वाले कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के साथ कैसा
व्यवहार करेगी? नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने साल 2015 में जोर-शोर से ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का कैंपेन चलाया था, जिसके तहत गांव-गली-मोहल्ले की साफ-सफाई करने का अभियान शुरू किया गया था। इसके प्रचार में खूब पैसा खर्च किया गया। यही नहीं आजकल आपके घर तक स्वच्छ भारत अभियान के तहत भोर पहले ही एक चार पहिया वाहन यह गाना बजाते आ जाता है की इरादा कर लिया हमने देश से अपने वादा ये वादा कर लिया हमने। जी सफाई अभियान के नाम पर ना जाने सैकड़ों तरह के क्या-क्या काम किये जा रहे है, वही आजकल मोदी कैबिनेट के एक मंत्रीजी की ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें वह सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना का माखौल उड़ाते नजर आ रहे हैं।
गौर से देखिए यह तस्वीर.. इस तस्वीर में मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान को पूरी तरह से सफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं उनके कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह। इस तस्वीर में सफेद धोती-कुर्ता पहने कृषि मंत्री खुले में पेशाब करते नज़र आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें राधा मोहन सिंह के नाम से खूब वायरल हो रही हैं।
काफिला रुकवाकर कार से उतरे
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में साफ दिख रहा है कि केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने अपना काफिला रुकवाया और कार से उतरकर खुले में पेशाब करने लगे। उन तस्वीरों में दौरान केंद्रीय मंत्री के सिक्योरिटी में लगे गार्ड भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, अभी तक पता नहीं लग पाया है कि वायरल हो रही तस्वीरें किस जगह की हैं।
जब केंद्रीय मंत्री के खुले में पेशाब करने की तस्वीरें ट्विटर और फेसबुक पर शेयर की गईं तो लोग उनकी खिल्ली उड़ाने लगे। स्वच्छ भारत का नारा देने वाली मोदी सरकार के मंत्री को इंटरनेट यूजर्स जमकर कोस रहे हैं। ट्विटर और फेसबुक पर राधामोहन की तस्वीर को शेयर और रीट्वीट किया जा रहा है। लोग इस तस्वीर को खूब शेयर कर रहे हैं साथ ही राधा मोहन सिंह का मज़ाक भी बना रहे हैं।
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले भाजपा शासित राज्य राजस्थान के प्रतापगढ़ में स्वच्छता अभियान के नाम पर सीपीआई-एमएल के एक कार्यकर्ता जफर हुसैन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। दरअसल, जफर हुसैन ने खुले में शौच कर रही महिलाओं की फोटो खींच रहे स्वच्छता अभियान के कर्मचारियों को रोका था जिसके बाद कर्मचारियों ने उनको पीट-पीटकर मार दिया था।
सवाल उठता है कि जब स्वच्छता अभियान की आड़ में जफर हुसैन की हत्या कर दी जाती है तो उसी स्वच्छता का माखौल उड़ाने वाले कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के साथ कैसा व्यवहार करेगी? क्या उनको भी जफर हुसैन की तरह सजा दी जाएगी या फिर उनके मुस्लिम न होने की वजह से कोई सजा नहीं मिलेगी?
