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15 लाख युवाओं को रोजगार दो या कहो झूठा था तेरा वादा

क्या हुआ तेरा वादा वो कसम वो इरादा
      इंडियन पीपल्स ग्रीन पार्टी ने आरोप लगाया है की बीजेपी और कांग्रेस दोनों सरकारों ने राज्य के बेरोजगार नौजवानों को निरंतर बेवकूफ बनाया है और बनाये जा रहे है। सन 1998 में तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार ने दो लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया तो लोगो ने वोट कर गहलोत की सरकार को जोरदार ताकत दी और पहली मर्तबा इतना बड़ा बहुमत दिया। फिर चूँकि सरकार भूल गयी की क्या वादा कर वो सरकार में आई थी और लोग बुरी तरह नाराज हो गए। इसी वजह से सामंत वर्ग से आई मध्य प्रदेश की रहने वाली महारानी वसुंधरा राजे को जब बीजेपी ने लांच किया तो लोगो ने हाथों हाथ लिया और बीजेपी की पहली पूर्ण बहुमत सरकार आई। लेकिन ये सरकार असल में इसलिए आई की उन्होंने इस बार कहा था की कांग्रेस ने झूठ बोला था और हम 5 लाख युवको को रोजगार देंगे। इस 5 लाख के वादे ने गजब ढा दिया था। वसुंधरा राजे अब मुख्यमंत्री बन गयी थी। किन्तु होना तो वही था धक के तीन पात। रोजगार का वादा अधूरा रहा।
    लोग दुखी थे और परेशां थे सामने कांग्रेस हाथ जोड़ कर माफ़ी मांग रही थी और जो 1998 -2003 में न कर पायी अब करना छह रही थी। लोग तो सच में बेवकूफ बनने को तैयार ही रहते है।
    कांग्रेस ने 5 लाख नव युवको को आशा की तस्वीर दिखाई और अनुभव का वास्ता दिया और 2008 में सरकार वाकई फिर अशोक गहलोत और कांग्रेस की झोली में थी। पिछली सरकार में सिर्फ इतना अंतर था की ये सरकार अब कोई काम नहीं करना चाहती थी और सच में टाइमपास सरकार लोगो के सामने थी और ठान के बैठी थी की कुछ नहीं करेगी।
    बहुत हुआ। जनता सच में गुस्से में थी और सामने कोई चारा दिखाई नहीं पड़ता था अब आखिर क्या करे ??
राजस्थान की सरकार ने कांग्रेस के इतिहास के सबसे ख़राब प्रदर्शन की नींव दाल दी थी और इनको सच में सिर्फ 20-21 साइट ही मिली।
    अब विकल्प हीनता किहलात में महारानी का अवसर आना ही था और इस बार तो वादा भी 15 लाख को रोजगार देने का था, लोगो को सिर्फ इतना याद था की कांग्रेस को हटाना है और फिर क्या करना है नहीं पता। लोगो ने ऐसा ही किया। अपने आस पास पूछा की कांग्रेस को मजा चखाना है क्या करे तो जवाब था बीजेपी को वोट करो, कांग्रेस हर जाएगी। वाकई वो हार गयी।
    अब मसला यह है की इन्होने 15 लाख को नौकरी देने का वादा किया है किन्तु मंशा आपके सामने है कब तक आप और आपके हमारे युवा साथी यूही मारे मारे फिरेंगे और हाथ कुछ नहीं आएगा। इन्होने हमें पिछले 17 बरस में 27 लाख नौकरी का वादा किया और हमने 4 बार इन्हे वोट किया किन्तु नौकरी तो 2.7 लाख को भी नहीं मिली। ये सिर्फ वादा करते है, हम इन्हे वोट करते है और फिर ये हमें धोखा देते है ! अब इनका क्या किया जाये ?