

सपोटरा/करौली।। इसे नियति का फैसला कहें या विवशता की बेड़ियां कहें। वक्त बदल चुका है समाज बदल रहा है, लेकिन बेटे की चाह अब भी नहीं बदली ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के सैमरदा गांव में सामने आया है। जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।
सैमरदा के सुखराम (83) वर्ष बुजुर्ग ने बेटे की चाह में अपने से 53 वर्ष छोटी लड़की रमेशी (30) वर्ष से 17/2/2018 (शनिवार) को शादी रचाई है। सैमरदा गांव में तेल, भात आदि कार्यक्रम हुए। और बारात की रवानगी से पहले सुखराम बैरवा की गांव में बैंड बाजे के साथ बिनौरी (निकासी) निकाली गई। सुखराम ने राहुल गांव में बारात ले जाकर दुल्हन रमेशी पुत्री सांवलिया बैरवा से विवाह रचाया। सुखराम बैरवा की पहले शादी हो चुकी है और उनकी पत्नी भी मौजूद है।
