हराम और हलाल इस्लाम का कमाल !

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    सभी लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि भारत के मुसलमान हमेशा "वन्देमातरम" का विरोध करते हैं. और कहते हैं कि ऐसा बोलना हराम है. यानि पाप है, इस्लाम में जायज - नाजायज, वैध - अवैध अर्थात हलाल और हराम की बड़ी विचित्र और तर्कहीन अवधारणा है, जो कुरान, हदीसों और मुफ्तियों द्वारा समय - समय पर दिए फतवों के आधार पर तय की जाती है. जिसे मानना हर मुसलमान के लिए अनिवार्य होता है. वर्ना उसे काफ़िर समझा जाता है. इसलिए मुसलमान हमेशा हर विषय हराम और हलाल के आधार पर ही तय करते हैं, चाहे वह देश के संविधान या कानून के विरुद्ध ही क्यों न हो. वह बिना समझे अंधे होकर उसका पालन करते हैं.
    इस संक्षिप्त से लेख में कुरान, हदीसों, फतवों और समाचारों में प्रकाशित खबरों से चुन कर एक दर्जन ऐसे मुद्दे दिए जा रहे हैं, जिनको पढ़ कर प्रबुद्ध पाठक ठीक से समझ जाएगी कि इस्लाम के अनुसार हराम क्या है और हलाल क्या है.
1 - अल्लाह का नाम लिए बिना जानवर को मारना हराम है. लेकिन जिहाद के नाम से हजारों इंसानों का क़त्ल करना हलाल है.
2 - यहूदियों, ईसाइयों से दोस्ती करना हराम है.लेकिन यहूदियों, ईसाईयों का क़त्ल करना हलाल है.
3 - टी वी और सिनेमा देखना हराम है. लेकिन सार्वजनिक रूप से औरतों को पत्थर मार हत्या करते हुए देखना हलाल है.
4 - किसी औरत को बेपर्दा देखना हराम है. लेकिन किसी गुलाम औरत को बेचते समय नंगा करके देखना हलाल है.
5 - शराब का धंदा करना हराम है. लेकिन औरतों, बच्चों को गुलाम बना कर बेचने का धंदा हलाल है.
6 - संगीत सुनना हराम है. लेकिन जिहाद के कारण मारे गए निर्दोष लोगों के घर वालों की चीख पुकार सुनना हलाल है.
7 - घोड़ों की दौड़ पर दाव लगाना हराम है. लेकिन काफिरों के घोड़े चुरा कर बेचना हलाल है.
8 - औरतों को एक से अधिक पति रखना हराम है. लेकिन मर्दों के लिए एक से अधिक पत्नियाँ रखना हलाल है.
9 - चार से अधिक औरतें रखना हराम है. लेकिन अपने हरम में सैकड़ों रखेंलें रखना हलाल है.
10 - किसी मुस्लिम का दिल दुखाना हराम है. लेकिन किसी गैर मुस्लिम का सर काटना हलाल है.
11 - औरतों के साथ व्यभिचार करना हराम है. लेकिन जिहाद में पकड़ी गयी औरतों के साथ सामूहिक बलात्कार करना हलाल है.
12 - जब किसी औरत की पत्थर मार कर हत्या की जा रही हो, तो उसे बचाना हराम है. जब उसी अपराध के लिए औरत को जिन्दा जलाया जा रहा हो, तमाशा देखना हलाल है.
     इन थोड़े से मुद्दों को ध्यान से पढ़ने से उन लोगों की आँखें खुल जानी चाहिए जो इस्लाम को शांति का धर्म समझ बैठे हैं भूले से भी कोई व्यक्ति जकारिया नायक जैसे धूर्त के जाल में नहीं फसे, जिनको भी इस लेख के सम्बन्ध में इस्लामी किताबों के प्रमाण चाहिए वह सभी मुस्लिम किताबो का अध्यन जरूर करे!


(Aditi Gupta)
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