यूपी में छह पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास हजरतगंज के पॉश इलाके में कई-कई एकड़ में बने बड़े-बड़े सरकारी बंगले हैं। इन बंगलों पर इनको जीवन भर रहने का अधिकार दिया गया था। इसी अधिकार को गैरकानूनी मानते हुए ‘लोक प्रहरी’ नामक एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2017 में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को ताउम्र सरकारी खर्च पर इस तरह के बंगले देना गैरकानूनी है। इस पर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में उसका पक्ष जानना चाहा था। इसके बाद कोर्ट ने इस कानून को रद्द कर दिया है।
यूपी के पूर्व मुख्यमंती जिनको सरकारी बंगले दिए गए हैं। उनमें वीर बहादुर सिंह, रामनरेश यादव, नारायण दत्त तिवारी, कल्याण सिंह, मायावती, मुलायम सिंह, राजनाथ सिंह और अखिलेश यादव का नाम शामिल हैं। अब इन नेताओं को अपने बंगले खाली करने होंगे।
