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सुप्रीम कोर्ट का आदेश सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को खाली करने होंगे सरकारी आवास

    लखनऊ।। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट के आदेश के अनुसार सूबे के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनको दिए गए सरकारी आवास खाली कराए जाएंगे। आवास की सुविधा को समाप्त कर दिया गया है। बता दें कि प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन आवास दिए जाने का क़ानून था जिसे कोर्ट ने रद्द कर दिया है।  
     सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आजीवान सरकारी आवास दिए जाने के क़ानून को रद्द किये जाने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती और अखिलेश यादव को अपने-अपने आवास खाली करने होंगे। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह का नाम भी शामिल हैं। उन्हें भी अपना सरकारी आवास छोड़ना होगा। बता दें कि सुप्रीमकोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन आवास का नियम रद होने के बाद यूपी की तत्कालीन अखिलेश सरकार ये कानून लाई थी। लेकिन अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को नहीं मिलेगा सरकारी आवास। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार के कानून को अमान्य घोषित किया।
     यूपी में छह पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास हजरतगंज के पॉश इलाके में कई-कई एकड़ में बने बड़े-बड़े सरकारी बंगले हैं। इन बंगलों पर इनको जीवन भर रहने का अधिकार दिया गया था। इसी अधिकार को गैरकानूनी मानते हुए ‘लोक प्रहरी’ नामक एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2017 में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को ताउम्र सरकारी खर्च पर इस तरह के बंगले देना गैरकानूनी है। इस पर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में उसका पक्ष जानना चाहा था। इसके बाद कोर्ट ने इस कानून को रद्द कर दिया है।
    यूपी के पूर्व मुख्यमंती जिनको सरकारी बंगले दिए गए हैं। उनमें वीर बहादुर सिंह, रामनरेश यादव, नारायण दत्त तिवारी, कल्याण सिंह, मायावती, मुलायम सिंह, राजनाथ सिंह और अखिलेश यादव का नाम शामिल हैं। अब इन नेताओं को अपने बंगले खाली करने होंगे।