यह चित्र देखकर आप लोगों की रुह कांप जायेगी। यह 15 दिन का अबोध बालक अपने शहीद पिता हंसराज की चिता को अग्नि दे रहा है। सांबा सेक्टर में बीएसएफ के कल चार जवान शहीद हुए जिनमे से तीन राजस्थान के व एक जवान उतर प्रदेश का था। आज राजस्थान के तीन किसान बाहुल्य जिलों के घरों मे चुल्हा भी नहीं जला। भरपपुर मे शहीद जितेन्द्र सिंह चौधरी, सीकर मे शहीद रामनिवास यादव व अलवर में शहीद हंसराज गुर्जर की पार्थिव देह अग्नि को समर्पित हुई तो उत्तर प्रदेश मे शहीद रजनीश कुमार की पार्थिव देह को समर्पित किया गया। लेकिन अलवर के बानसूर मे जब शहीद हंसराज के 15 दिवस के मासुम ने अग्नि दी तो सभी की आंखें भर आयी। इस मासुम को क्या पता की वह अपने पिता के शरीर को अग्नि के हवाले कर रहा है। जब यह बालक बडा होगा ओर बोलने लगेगा तब अपनी मां से अपने पिता के बारे मे पुछेगा की मां सबके पापा हैं मेरे कहाँ हैं तब वो मां बतायेगी की बेटा तेरे पापा देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गये थे ओर उन्हे अग्नि तूमने ही दी थी तब तुम केवल पन्द्रह दिवस के थे, तब क्या प्रतिक्रिया होगी इस बालक की सोच कर ही दिल पसीज उठता है। अंतिम संस्कार के वक्त जब इस शहीद का पुरा परिवार गमगीन था सभी रो रहे थे तो बच्चे की मां बेसुध थी।
यह अबोध बालक भी रो रहा था रो रो कर इसका बुरा हाल हो रहा था ऐसे मे बानसूर विधायक शकुन्तला रावत ने इस अबोध को अपने आंचल की छाव मे ले लिया ओर बालक को बोतल से दुध पिला कर शांत किया। लेकिन हमारे देश के 56 इंच छाती वाले प्रधानमंत्री जी मौन हैं इन वीरों की शहादत पर। एक के बदले दस सिर काटने वाले प्रधानमंत्री जी से यह 15 दिन का बालक जानना चाहता है की क्या देश के जवान ऐसे ही शहीद होते रहेगे ओर आप विदेशों मे घुमते रहोगे। इस बच्चे को जबाब दो प्रधानमंत्री जी। रोज ही सुनने में आता है की कोई ना कोई जवान शहीद हो रहा है। यह सिलसिला शायद देश की गन्दी राजनीति बन्द नहीं होने देगी। जिस दिन किसानों के बच्चे सेना मे भर्ती होना बंद कर देगे उस दिन आप राजनेता ओर आपका परिवार सुरक्षित नहीं रहेगा। अभी भी समय है देशहित मे कठोर कदम उठाने का अपने किये गये वादे को पुरा करने का समय है आपके पास प्रधानमंत्री जी नहीं तो यह देश आपको कभी माफ़ नहीं करेगा।
