देसी तमंचा-जिंदा कारतूस, मुगलकालीन सिक्के और फिर होती थी लूट

Breaking News

10/recent/ticker-posts

Ad Code

देसी तमंचा-जिंदा कारतूस, मुगलकालीन सिक्के और फिर होती थी लूट

मध्यप्रदेश का फर्जी दरोगा झांसी में गिरफ्तार, तमंचा व सोने के सिक्के बरामद   
   झांसी/मध्यप्रदेश।। मध्यप्रदेश में झाँसी के थाना सीपरी बाजार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक फर्जी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से एक तमंचा, मध्य प्रदेश पुलिस की वर्दी, फर्जी आईकार्ड और भारी मात्रा में नकली सोने के सिक्के बरामद किए है।
     पत्रकारों को जानकारी देते हुए सी. ओ. जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह द्वारा दिए गए निर्देश तलाश वांछित-वारंटी अपराधी गिरफ्तारी अभियान के क्रम में सीपरी बाजार थानाध्यक्ष हमराह पुलिस बल के साथ गश्त कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी में नकली दरोगा बनकर लोगों को चोरी का सोना बेचकर ठगी कर रहे हैं।
     सूचना को गंभीरता से लेते हुए सीपरी बाजार पुलिस ने ठगों की गिरफ्तारी के लिए बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दबिश दी और 2 लोगों को हिरासत में ले लिया। उनके पास से एक देसी तमंचा, जिंदा कारतूस, कुछ असली सोने के सिक्के और हजारों की संख्या में नकली सोने के सिक्के बरामद कर लिये। पूछताछ में पकड़े गए फर्जी दरोगा ने अपना नाम जय पाल सिंह बघेल पुत्र धनीराम वघेल उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम खिरिया, जिला शिवपुरी और संतोष कुशवाह पुत्र भगवानदास उम्र 38 वर्ष निवासी पटोरिया, कोतवाली झांसी बताया। 
     सीईओ जितेंद्र सिंह परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी यह लोग आम लोगों को जमीन के अंदर गड़े खजाने का लालच देकर नकली सोने की गिन्नी को असली बताकर भोले भाले लोगों से रुपये ऐठ लेते थे। इन नकली गिन्नीयों पर मुगल साम्राज्य और अरबी भाषा में लिखावट होने के कारण किसी को शक नहीं होता था। फर्जी दरोगा उन्हें इन नकली सोने के सिक्कों को अलीगढ़ से बनवाया था। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया।
   गिरफ्तार करने वाली टीम में विजय कुमार पांडेय थानाध्यक्ष सीपरी बाजार, उoनिo उदयवीर सिंह, उoनिo जितेंद्र सिंह तक्खर, कॉन्स्टेबल राजीव कुमार, मुकेश कुमार आदि का सहयोग रहा।

Ad Code