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हम लोग खुद ठंडक में रहने के लिए दुनिया को कुछ ऐसे गर्म कर रहे है

   ग्लोबल वार्मिंग का एक कारक ये भी है। शहरों महानगरों की दिवारें अब आग ऊगलती हैं। संयमित जीवन शैली की आवश्यकता।
    ज्ञात हो कि जापान में AC कम्पनियों ने AC बेचते समय पहले से ही Temperature को 25-28℃ पर सेट कर देते हैं क्योंकि जापानियों को खुद से और देश से बहुत प्यार होता है पर अपने प्यारे हिन्दुस्तान में हमें ये आजादी है कि हम कितना ही ठण्डे क्यों ना हो ले, अमूमन लोग 16-20℃ तक तापमान सेट कर लेते हैं जिससे कि उनका रूम तो ठण्डा हो जाता है पर बाहर बुरा हाल होता है। हमारे शरीर का तापमान 37℃ होता है इसलिए प्रकृति के विरूद्ध जाकर हम जब 16-23℃ पर रहते हैं तो कहीं ना कहीं हम अपने शरीर का ही नुकसान कर रहे होते हैं। बिजली की खपत भी इसी कारण से गर्मियों में बढ़ जाती है। भारत सरकार भी प्री सेट तापमान वाले एअर कंडीशन लाने पर विचार कर रही है जिसमें 23-25℃ तापमान फिक्स होगा। और अधिक कम करने के लिए सेटिंग में जाना होगा। रेल मंत्रालय भी अगर इस पर ध्यान दे और टेम्परेचर 23-25℃ के बीच रखे तो बोगियों में कम्बल की आवश्यकता नहीं रहेगी और लोग चद्दर से ही काम चला सकते हैं। कम्बल की धुलाई का खर्चा (125-150/-) सरकार बचा सकती है।