रिटायर्ड अफसर कांग्रेस के हाथ के साथ चुनाव लड़ना चाहते हैराजस्थान विधानसभा चुनाव निकट आने के साथ ही कांग्रेस में नेता तो टिकट की दावेदारी कर ही रहे है, कई वर्तमान और रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स भी कांग्रेस के टिकट के लिए जुगाड़ बिठाने में जुटे है। ...
राजस्थान विधानसभा चुनाव निकट आने के साथ ही कांग्रेस में नेता तो टिकट की दावेदारी कर ही रहे है, कई वर्तमान और रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स भी कांग्रेस के टिकट के लिए जुगाड़ बिठाने में जुटे है। वहीं चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन के हालात में अच्छी पोस्टिंग के लिए कई अफसर अभी से जुगाड़ में जुट गए है। ये अफसर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं के सम्पर्क में है।
पिछले 15 दिन में सचिवालय और जिलों में तैनात कुछ अफसरों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट से मुलाकात की है। वर्तमान आईएएस,आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जहां अच्छी पोस्टिंग के लिए अभी से कसरत में जुटे है। वहीं रिटायर्ड अफसर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव में अपनी किस्मत अजमाना चाहते है।
रिटायर्ड अफसर खुलकर कांग्रेस के टिकट की मांग कर रहे है,ये जयपुर से दिल्ली तक सक्रिय है। सचिन पायलट मानते है कि कई रिटायर्ड अफसर उनसे मिले है और वे टिकट भी चाहते है। सेवारत अफसरों की मुलाकात की बात भी पायलट स्वीकारते है। रिटायर्ड आईएएस अफसर हबीब खान गोराण मंत्री यूनस खान के सामने चुनांव लड़ना चाहते है, बी. पी. मीणा, सुखपाल मीणा, लालचंद असवाल, अजय सिंह चित्तौड़ा, ललित मेहरा, आर. के. मीणा, सियाराम मीणा, ओ. पी. यादव और रिटायर्ड आईपीएस अफसर आर. पी. मीणा, के. राम, विजेन्द्र सिंह झाला, रामदेव सिंह, लक्ष्मण मीणा, गिरिराज मीणा, अनिल गोठवाल, अजमेर विधुत वितरण निगम के पूर्व एमडी पी. एस. जाट, भारतीय रेल सेवा से हाल में रिटायर हुए किशनलाल मेघवाल आदि ने पिछले कुछ दिनों में सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर टिकट की दावेदारी जताई है।
जानकारी के अनुसार टिकट मिलने की गारंटी पर कई अफसर नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ने को तैयार है। कांग्रेस में टिकट की असली दौड़ स्क्रीनिंग कमेटी बनने के बाद प्रारम्भ होगी। अब यह देखना है कि कांग्रेस इस बार कितने अफसरों को उम्मीदवार बनाती है,लेकिन चुनावी माहौल में कांग्रेस में ब्यूरोक्रेट्स की सक्रियता ने पार्टी नेताओं के भीतर बहस जरूर शुरू कर दी है।
कांग्रेस में यह सवाल उठाया जा रहा है कि चुनाव के वक्त अफसरों का "हाथ" के साथ आने की कतार में खड़े होना महज इत्तेफाक है या फिर बदलते समीकरणों का सकेंत,क्योंकि यह माना जाता है कि बदलते सियासी समीकरणों को ब्यूरोक्रेट्स अधिक बेहतर समझते है। राज्यसभा के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अश्क अली टांक का कहना है कि रिटायर्ड ही नहीं मौजूदा अफसर भी कांग्रेस के टिकट की कतार में है। ये अफसर सचिन पायलट और अशोक गहलोत के साथ ही कांग्रेस के अन्य नेताओं से लगातार मिल रहे है।
रिटायर्ड अफसर खुलकर कांग्रेस के टिकट की मांग कर रहे है,ये जयपुर से दिल्ली तक सक्रिय है। सचिन पायलट मानते है कि कई रिटायर्ड अफसर उनसे मिले है और वे टिकट भी चाहते है। सेवारत अफसरों की मुलाकात की बात भी पायलट स्वीकारते है। रिटायर्ड आईएएस अफसर हबीब खान गोराण मंत्री यूनस खान के सामने चुनांव लड़ना चाहते है, बी. पी. मीणा, सुखपाल मीणा, लालचंद असवाल, अजय सिंह चित्तौड़ा, ललित मेहरा, आर. के. मीणा, सियाराम मीणा, ओ. पी. यादव और रिटायर्ड आईपीएस अफसर आर. पी. मीणा, के. राम, विजेन्द्र सिंह झाला, रामदेव सिंह, लक्ष्मण मीणा, गिरिराज मीणा, अनिल गोठवाल, अजमेर विधुत वितरण निगम के पूर्व एमडी पी. एस. जाट, भारतीय रेल सेवा से हाल में रिटायर हुए किशनलाल मेघवाल आदि ने पिछले कुछ दिनों में सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर टिकट की दावेदारी जताई है।
जानकारी के अनुसार टिकट मिलने की गारंटी पर कई अफसर नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ने को तैयार है। कांग्रेस में टिकट की असली दौड़ स्क्रीनिंग कमेटी बनने के बाद प्रारम्भ होगी। अब यह देखना है कि कांग्रेस इस बार कितने अफसरों को उम्मीदवार बनाती है,लेकिन चुनावी माहौल में कांग्रेस में ब्यूरोक्रेट्स की सक्रियता ने पार्टी नेताओं के भीतर बहस जरूर शुरू कर दी है।
कांग्रेस में यह सवाल उठाया जा रहा है कि चुनाव के वक्त अफसरों का "हाथ" के साथ आने की कतार में खड़े होना महज इत्तेफाक है या फिर बदलते समीकरणों का सकेंत,क्योंकि यह माना जाता है कि बदलते सियासी समीकरणों को ब्यूरोक्रेट्स अधिक बेहतर समझते है। राज्यसभा के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अश्क अली टांक का कहना है कि रिटायर्ड ही नहीं मौजूदा अफसर भी कांग्रेस के टिकट की कतार में है। ये अफसर सचिन पायलट और अशोक गहलोत के साथ ही कांग्रेस के अन्य नेताओं से लगातार मिल रहे है।
