कलश यात्रा ! BJP वाले अटल जी के निधन का शोक मना रहे हैं या उत्सव???

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   हाल ही में कुछ दिनों पूर्व देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं देश के जनप्रिय नेता स्व. श्री अटल बिहारी वाजपई का दिल्ली के एक चिकित्सालय में निधन हो गया था। उनके निधन के पश्चयात राजकीय सम्मान से उनकी अंत्येष्टि भी कर दी गई एवं उनकी अस्थियों को भी गंगा नदी में हिन्दू रीती रिवाज़ो के अनुसार अर्पण कर दिया गया। किन्तु सत्ताधारी दल के कुछ राजनीतिक रणकारों ने स्व. श्री अटल बिहारी वाजपई की अस्थियों को ही चुनाव प्रचार की सामग्री बना दिया है। 
   देश का हर व्यक्ति यह भली भांति जानता है की किसी भी मृत मानव शरीर का अंतिम संस्कार होने के पश्च्यात उसमे मात्र एक कलश भर अस्थिया ही पाई जाती है। फिर स्व. श्री अटल बिहारी वाजपई की अस्थियों के हजारों की संख्या में कलश निर्मित कर उनकी पुरे देश में कलश यात्रा निकालना हिन्दू धर्म के अनुसार कितना प्रासंगिक और न्यायोचित है !
     जिस तरह पुरे देश में स्व. श्री अटल बिहारी वाजपई की अस्थियों के कलश की रैलीयो और सभाओ का आयोजन कर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा जितना हंसी-ठिठोली करते हुए उपहास किया गया है वह देश की अथा समूह जनमानस जो आज भी अटल प्रेम में डूबी हुई है, उनकी भावनाओं के साथ ना केवल खिलवाड़ करना है अपितु उस सम्माननीय मृत आत्मा को भी दुःख पहुंचाने के समान है। देखने वालो को तो यह भी समझ नहीं आ रहा है कि ये BJP वाले अटल जी के निधन का शोक मना रहे हैं या कोई उत्सव ?
   वैसे एक चिता से ज्यादा से ज्यादा 25-30 अस्थि कलश बन सकते है, लेकिन यहां चार हजार अस्थि कलश बना दिए गए! इतना बड़ा झूठ! आश्चर्य इस बात का ज्यादा है की कोई अटल प्रेमी इस उपहास पर आपत्ति क्यों नहीं करता?
    वैसे जैसी हरकत इस विषय पर BJP वाले कर रहे हैं, कहीं ऐसा ना हो कि कल को अटल जी का अस्थि कलश फ्लिपकार्ट पर भी देखने को मिल.. जाए तो आप आश्चर्य ना कीजिएगा। पुरे पांच साल राम के नाम पर वोट मांगे, मंदिर के नाम पर वोट मांगे, जिनको जीते जी सम्मान नहीं दे सके आज उनकी अस्थियों के नाम पर भी बस वोट का जुगाड़ किया जा रहा हैं!
    हालांकि जिन बीजेपी नेताओं ने स्व. श्री अटल बिहारी वाजपई की अस्थियों को विसर्जित किया उनमे से एक ने भी बाल अभी तक नही बनवाये, यह भी हिन्दू धर्म का घोर अपमान है। अब तो ऐसा लगने लगा है की भारतवर्ष के इतिहास में पहली बार किसी दिवंगत व्यक्ति की अस्थियों की नुमाइश लगाकर उनका धंधा किया जा रहा है। क्योंकि यह बात भी किसी से छुपी नहीं है की जिस अमिट और अटल शख्शियत को पिछले 10 साल से बैनरों और पोस्टरों में गायब रखा, अब वोट चाहिये उन्ही की अस्थियों के "लोटो" से, यह निसंदेह एक शर्मनाक कृत्य है।
    आपको यह जानकर हैरानी होगी की मध्य प्रदेश में तो स्व. श्री अटल बिहारी वाजपई की अस्थियों के कलश को बीजेपी के नेताओं ने कुछ इस तरह से उठाया था मानों वह कोई वर्ल्ड कप जीत कर लाए हो। इन हरकतों को देखने वाली जनता के मुँह से तो यह बरबस ही निकलने लगा है की साहब,"अस्थिया भी  चुनाव प्रचार सामग्री होती है" यह हमें आज पता चला है।
    जिस भाजपा ने पिछले चार साल मे होर्डिंग से अटल जी का नाम और फ़ोटो तक गायब कर दिया था! वो आज उनकी अस्थियो की कलश यात्रा निकाल रही है ? अटल जी की अस्थियां  गंगाजी में बहा दी गई थी तो ये कौनसे अस्थि कलश हैं जो पुरे देश के सभी राज्यों में भेजे जा रहे हैं? यह मन को विचलित करने वाला प्रश्न हर जन मानस के दिमाग में घूम रहा है। या यू कहें तो भी अतिश्योक्ति नहीं होगी की यह सीधे तोर पर भक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ मात्र किया जा रहा है।
  
   अंत में सबसे बड़ा प्रश्न जो हर आम और खास को इन दिनों व्याकुल कर रहा है की आखिर किस हिंदू ग्रंथ मे लिखा है की अस्थि विसर्जन के बाद "अंतिम यात्रा" निकालो और पुनः अस्थियों को देश के सारे जिलों मे विसर्जित करो ?
     दूसरी और अटल जी की भतीजी एवं सांसद करुणा शुक्ला ने अस्थि कलश यात्रा को भाजपा का ढोंग बताते हुए कहा की अटल जी के अस्थि कलश यात्रा में BJP के मंत्रियों के द्वारा हंसी मजाक एवं ठहाके सिर्फ वोट की राजनीति करते हुए अस्थि कलश के नाम पर दिखावा कर एक ढोंग मात्र है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मोदी एवं अमित शाह, अटल जी के नाम पर अस्थिकलश को जिस तरह से जगह-जगह विसर्जित करने के बहाने सिर्फ चुनाव को देखते हुए प्रचार-प्रसार कर रही है। उन्होंने कहा की बीजेपी आने वाले 2019 के चुनाव में अटल जी का सहारा लेकर चुनाव लड़ेंगी, लेकिन देश की जनता सब समझ चुकी है कि सिर्फ भाजपा एक दिखावा कर रही है अस्थि कलश के नाम पर भाजपा एक ढोंग के साथ नाटक कर रही है।
  

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