मंत्री ने बताया कि प्रदेश की सभी जेलों में कैदियों को अच्छे व्यवहार और आचरण के लिए हवन करवाए जा रहे हैं। उनके आचरण को सुधारने के लिए ज्ञानानंद की ओर से प्रवचन दिया जा रहा हैं। मंत्री खुद भी उनके साथ जाते हैं। मंत्री ने बताया कि कई अवसरों पर अच्छा आचरण रखने व ज्यादा वृद्ध कैदियों को रिहाई का काम भी किया गया है। इस बार फिर से गांधी जयंती पर 2 अक्तूबर को भी इसी प्रकार के कैदियों जिनका आचरण अच्छा है और ज्यादा वृद्ध हैं, को रिहा किया जाएगा।
जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जेल में बंद कैदियों व बंदियों को नसीहत भी दी है। उन्होंने बताया कि जो कैदी जेल में बंद है, उनमें क्रोध है, उन्हें उस क्रोध को खत्म कर अपना आचरण अच्छा बनाना होगा। अगर कैदी अपना आचरण अच्छा रखते हैं तो उन्हें फ्लैटों में भी रखा जा सकता है, जहां वे अपने बच्चों के साथ भी रह सकते हैं। जेल के बाहर काम भी करवाया जा सकता है। इसलिए कैदियों को अपनी मानसिकता बदलकर अपना आचरण सुधारना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जेल का विभाग उनके पास है। उन्होंने कहा कि उनकी आदत है कि वे बैरक में किसी भी बुजुर्ग व महिला से मिलकर आते हैं, उनसे उनका हाल-चाल तक पूछते हैं। उनसे उनकी सजा व क्राइम के बारे में भी बातचीत करते हैं। उनकी पर्सनल जिंदगी के विचारों को भी शेयर कर लेते हैं। कई बुजुर्गों की दर्दनाक आपबीती सुनने के बाद उन्होंने सीएम से मिलकर उनकी सजा कम करवाने का आग्रह किया।
