परकला प्रभाकर ने एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर मोदी सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की तरफ से अपनाए गए आर्थिक मॉडल को ‘गले लगाने’ की सलाह दी है। प्रभाकर ने अपने लेख में साल 1991 में बिगड़ी अर्थव्यवस्था के उदारीकरण का भी जिक्र किया है। बता दें कि तब पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री और मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे।
परकला प्रभाकर ने कहा है, ‘’बीजेपी अपनी स्थापना के बाद से खुद कोई आर्थिक ढांचे का प्रस्ताव नहीं ला पाई। वह सिर्फ नेहरूवादी आर्थिक ढांचे की आलोचना करती रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘’बीजेपी ने हमेशा ‘यह नहीं-यह नहीं’ की नीति को अपनाया। जबकि उसकी अपनी नीति क्या थी, उसके बारे में कभी कुछ नहीं कहा।’’
