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शिक्षा मंत्री भी रह गए हैरान जब बच्चों ने अमित शाह को बताया राज्य का मुख्यमंत्री

शिक्षकों का जवाब भी था लाजवाब 
     रामगढ़।। झारखंड की स्कूली शिक्षा का हाल कैसा है, इसका ताजा उदाहरण खुद राज्य के शिक्षा मंत्री को देखने को मिला है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने रांची से सटे रामगढ़ जिले के कोईया स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय का बीते दिनों औचक निरीक्षण किया. इस दौरान मंत्री ने कक्षा सात में जाकर जब बच्चों से पूछा कि राज्य के शिक्षा मंत्री कौन हैं, तो बच्चों ने जवाब दिया हेमंत सोरेन. सातवीं कक्षा के छात्रों का यह जवाब सुनकर शिक्षा मंत्री हैरान रह गए. उन्होंने बच्चों से तत्काल दूसरा सवाल पूछा कि, ‘राज्य के मुख्यमंत्री कौन हैं’. इस पर बच्चों ने जो जवाब दिया, वह राज्य के स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था की कलई खोलन के लिए काफी था. बच्चों ने शिक्षा मंत्री को राज्य के CM का नाम अमित शाह बताया. 
    रामगढ़ के स्कूल में पढ़ाई-लिखाई के इस स्तर से चिंतित शिक्षा मंत्री ने इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिले की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी. साथ ही कहा कि आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण होते रहेंगे. शिक्षा मंत्री और कोईया के स्कूल के छात्रों के बीच हुए इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 
शिक्षकों का भी यही हाल
    रामगढ़ के स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे शिक्षा मंत्री ने अपने दौरे के दौरान यह अनुभव किया कि स्कूल के छात्र तो छात्र, शिक्षकों के ‘ज्ञान’ का भी यही हाल है. शिक्षा मंत्री ने जब शिक्षकों से रामगढ़ के जिला शिक्षा पदाधिकारी का नाम पूछा, तो किसी को मालूम नहीं था. शिक्षकों और बच्चों की क्लास लेने के बाद जब शिक्षा मंत्री स्कूल परिसर का जायजा लेने लगे, तो वहां भी कई कमियां पाईं. 
स्कूल में शिक्षकों की भी कमी
    शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कोईया के स्कूल में न सिर्फ पढ़ाई-लिखाई का हाल जाना, बल्कि स्कूल के भवन आदि का भी जायजा लिया. स्कूल के बदहाल भवन की हालत देख उन्होंने मौके पर ग्राम शिक्षा समिति के सदस्यों को बुलाया और स्कूल बिल्डिंग और बाउंड्री को तत्काल ठीक करने का आदेश दिया. लोगों ने बताया कि बाउंड्री वॉल टूटे होने के कारण जानवर स्कूल परिसर में घुस जाते हैं. इसके अलावा ग्राम शिक्षा समिति के सदस्यों ने अन्य समस्याएं भी मंत्री के सामने रखीं. शिक्षा मंत्री ने सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया. आपको बता दें कि इस स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है. स्कूल में वर्तमान में सिर्फ 4 शिक्षक ही कार्यरत हैं. शिक्षा समिति के सदस्यों ने मंत्री से स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की.

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