मेडिकल कॉलेज में भर्ती कैंसर पीड़िता को नहीं मिला इलाज, सोते समय पैर को चूहों ने कुतरा

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Image may contain: 1 personएसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कैंसर पीड़िता को नहीं मिला इलाज, 
सोते समय पैर को चूहों ने कुतरा, 
पति ने खोली इलाज की पोल
    आगरा/यूपी।। ताजनगरी आगरा कोरोनावायरस का केंद्र बनता जा रहा है। यहां बुधवार को 13 नए केस सामने आए। अब यहां संक्रमितों की संख्या 653 हो चुकी है। 16 मरीजों की मौत हो चुकी है। यहां 241 मरीज ठीक होकर अस्पतालों से छुट्टी पा चुके हैं। इस बीच एसएन मेडिकल कॉलेज में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक कैंसर पीड़त महिला के पैर को चूहों ने कुतर दिया। उसे 9 दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। आरोप है कि, इस बीच उसका इलाज नहीं हुआ। चूहों के कुतरने के बाद उसके पैरों के जख्मों पर मरहम पट्टी भी नहीं की गई। महिला के पति ने वीडियो वायरल कर स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोली है। डीएम प्रभु नारायण सिंह ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
    लोहामंडी निवासी सर्राफ इंद्र खंडेलवाल ने बताया कि, उनकी 40 वर्षीय पत्नी साक्षी को एक साल पहले कैंसर हो गया था और थाना न्यू आगरा क्षेत्र में प्रैक्टिस करने वाले कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय गुप्ता से इलाज चल रहा था। लेकिन लॉकडाउन शुरू होने के बाद सभी निजी हॉस्पिटल बंद हो गए तो ऐसे में पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर 27 अप्रैल को वे डाक्टर अजय गुप्ता के हॉस्पिटल गए थे। हॉस्पिटल में स्टाफ ने 500 रुपए जमा कराने के बाद डॉ. अजय गुप्ता से फोन पर बात कराई थी। मगर वे इस दौरान मरीज को देखने नहीं आए और फोन पर ही एडमिट करने से इंकार कर दिया।
     परेशान होकर इंद्र खंडेलवाल ने पत्‍नी साक्षी को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया तो वहां सबसे पहले कोविड-19 की जांच कराई गई। जांच की रिपोर्ट निगेटिव आने पर डॉक्टरों ने उनकी रेडियोथैरेपी कर दी। इसके बाद तबियत में सुधार न होने पर भी दूसरी बार रेडियोथैरेपी नहीं की। दो दिन पूर्व रविवार रात में सोते समय साक्षी के पैर को चूहों ने कुतर दिया। जिससे पैरों से खून बहने लगा। आरोप है कि, इंद्र खंडेलवाल ने मरहम पट्टी के लिए काफी मिन्नतें की, लेकिन कोई कर्मचारी उनकी हालत देखने नहीं आया और उन्होंने खुद पैर की पट्टी कर ली। जिसके बाद उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया।
    परिवार ने निजी अस्पतालों में इलाज की गुहार लगाई मगर कोई रेडियोथैरेपी करने के लिए तैयार नहीं है। उनकी पत्नी की हालत लगातार बिगड़ रही है। इस मामले में प्रधानाचार्य डॉ. जीके अनेजा से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जिलाधिकारी प्रभु नारायण ने जानकारी कर पीड़िता को मदद दिलाने की बात कही है। पीड़िता साक्षी के पति ने वीडियो बनाकर अपनी पूरी व्यथा सोशल मीडिया पर वायरल की है।

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