8 साल की उम्र में अपने स्कूल (प्रेजेंटेशन हायर सेकेंडरी स्कूल, कोझिकोड) की आधिकारिक वेबसाइट बनाकर सबको हैरान कर दिया।
दुनिया की सबसे कम उम्र की CEO
अपने इसी हुनर को आगे बढ़ाते हुए श्रीलक्ष्मी ने 11 साल की उम्र में अपनी खुद की वेब डिजाइनिंग कंपनी 'eDesign' की शुरुआत की और दुनिया की सबसे कम उम्र की CEO में से एक बनीं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित
श्रीलक्ष्मी को भारत सरकार द्वारा 'नेशनल चाइल्ड अवॉर्ड फॉर एक्सेप्शनल अचीवमेंट' समेत 40 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
युवाओं के लिए मिसाल
आज श्रीलक्ष्मी एक सफल उद्यमी होने के साथ-साथ एक लेखिका और मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। उनकी सफलता की कहानी देश के हर उस युवा के लिए एक बड़ा संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की हिम्मत रखता है।

