Chandrapur Murder Mystery प्रेमी और अनुकंपा नौकरी के लिए बेटी ने दी पिता को ज़हरीली मौत!

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यह चौंकाने वाली घटना महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले की है। मार्च 2023 में पुलिस हेड कांस्टेबल जयंत बल्लावार की अचानक हुई मौत को शुरुआत में सामान्य/प्राकृतिक मौत मानकर केस बंद कर दिया गया था। लेकिन लगभग 3 साल बाद (मार्च 2026 में) उनके दामाद/प्रेमी (आशीष) के साथ हुए विवाद के बाद इस पूरे हत्याकांड की खौफनाक सच्चाई सामने आई।

चंद्रपुर मर्डर मिस्ट्री: प्यार और नौकरी के लिए बेटी ने दी पिता को ज़हरीली मौत

चंद्रपुर (महाराष्ट्र): प्यार में अंधी बेटी और उसके प्रेमी की खौफनाक साजिश का खुलासा 3 साल बाद हुआ है। पुलिस हेड कांस्टेबल जयंत बल्लावार की हत्या के आरोप में उनकी बेटी आर्या बल्लावार, दामाद/प्रेमी आशीष शेडमाके, चचेरे भाई चैतन्य (मोंटी) गेडाम और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

Chandrapur Murder Mystery प्रेमी और अनुकंपा नौकरी के लिए बेटी ने दी पिता को ज़हरीली मौत!

घटना का पूरा विवरण:

  • रिश्ते का विरोध: आर्या बल्लावार और आशीष शेडमाके के प्रेम संबंध का पिता जयंत बल्लावार कड़ा विरोध करते थे।

  • ज़हर की साजिश: पिता को रास्ते से हटाने के लिए आर्या ने अपने चचेरे भाई चैतन्य गेडाम और एक नाबालिग के जरिए ₹5,000 में जानलेवा ज़हर मंगवाया।

  • मिल्कशेक में ज़हर: 25 मार्च 2023 की सुबह, ड्यूटी पर जाने से पहले आर्या ने अपने पिता को ज़हर मिला हुआ मिल्कशेक पिलाया।

  • अचानक मौत का नाटक: ज़हर का असर थोड़ा देर से हुआ। जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचते ही जयंत बल्लावार को चक्कर आया और वे गिर पड़े। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उस वक्त मौत को बीमारी/अचानक तबीयत खराब होना मानकर मामला शांत हो गया।

  • अनुकंपा पर पुलिस की नौकरी: पिता की मौत के बाद आर्या को अनुकंपा के आधार पर पुलिस विभाग में नौकरी (कॉन्स्टेबल/ट्रेनी) भी मिल गई।

  • 3 साल बाद ऐसे खुला राज: आर्या और आशीष ने शादी कर ली, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच अनबन और घरेलू विवाद शुरू हो गए। झगड़ों से तंग आकर प्रेमी/पति आशीष ने पुलिस स्टेशन जाकर पूरे हत्याकांड की सच्चाई उगल दी और सबूत (कॉल रिकॉर्डिंग व ऑडियो/वीडियो) पुलिस को सौंप दिए।

निष्कर्ष: रामनगर पुलिस (चंद्रपुर) ने केस री-ओपन कर मेडिकल रिपोर्ट व सबूतों के आधार पर आर्या, आशीष और चैतन्य को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना इस बात का भयावह उदाहरण है कि कैसे आपराधिक मानसिकता और स्वार्थ पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देते हैं।

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